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झारखंड टेंडर घोटाला : मंत्री को 1.5% और इंजीनियरों में बंटता था बाकी हिस्सा; ED की रडार पर अब कई बड़े अधिकारी

Published: Sun, 08 Feb 2026 09:35 PM (IST)

ED ने झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के 'कमीशन घोटाले' में कार्रवाई तेज की है। मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत, ED ...और पढ़ें

फाइल फोटाे।

फाइल फोटाे।

HighLights

  1. ED ने झारखंड टेंडर घोटाले में इंजीनियरों को समन भेजा।

  2. पूर्व मंत्री समेत 22 आरोपी पहले ही जेल में हैं।

राज्‍य ब्‍यूरो, रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में हुए 'कमिशन घोटाले' में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है। मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जारी जांच के बीच, ईडी ने अब विभाग के करीब एक दर्जन इंजीनियरों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है।
 
इनमें कार्यपालक अभियंता (EE), सहायक अभियंता (AE) और कनीय अभियंता (JE) स्तर के अधिकारी शामिल हैं।(Jharkhand tender scam)

 

कमीशन का 'सेट' फॉर्मूला: 3.2% का गणित 

ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, ग्रामीण विकास विभाग में विकास योजनाओं के टेंडर आवंटन के लिए कमीशनखोरी का एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय था। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि टेंडर की कुल राशि का लगभग 3.2 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में वसूला जाता था। (Jharkhand tender scam)
 
टेंडर आवंटन में अवैध वसूली का बंटवारा कुछ इस तरह था: 
  •     1.5% हिस्सा: सीधे तत्कालीन विभागीय मंत्री को जाता था। 
  •     शेष हिस्सा: इंजीनियरों और अन्य अधिकारियों के बीच ऊपर से नीचे तक बांटा जाता था।

 

नौकर के घर से मिले थे 32 करोड़, अब इंजीनियरों की बारी 

इस घोटाले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 6 मई 2024 को तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल के घरेलू नौकर जहांगीर के फ्लैट से ईडी ने 32.20 करोड़ रुपये नगद बरामद किए थे। 
 
इसके अलावा अन्य करीबियों के ठिकानों से भी करोड़ों की नगदी और दस्तावेज जब्त किए गए थे। ईडी के अनुसार, कमीशन की इस राशि को व्यवस्थित तरीके से ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी संजीव लाल की थी।

 

22 आरोपियों पर चार्जशीट, मंत्री समेत कई सलाखों के पीछे 

ईडी अब तक इस मामले में तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम, उनके आप्त सचिव संजीव लाल, मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम और उनके रिश्तेदारों सहित 22 लोगों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वर्तमान में मंत्री और उनके करीबी जेल में हैं। 
 
जांच एजेंसी अब उन इंजीनियरों की भूमिका की पड़ताल कर रही है जो इस कमीशन चेन के अहम हिस्सा थे और ठेकेदारों से सीधे संपर्क में रहते थे। ईडी द्वारा समन जारी किए जाने के बाद ग्रामीण विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। (Jharkhand tender scam)