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'चोरी नहीं की तो नहीं जलेंगी उंगलियां', खौलते गोबर पानी में डुबोए युवक के हाथ; झारखंड में अंधविश्वास का खूनी खेल

Published: Thu, 11 Jun 2026 10:19 PM (IST)Updated: Thu, 11 Jun 2026 10:24 PM (IST)

नरकोपी थाना क्षेत्र के सरवा गांव में चोरी के शक में एक युवक के हाथ खौलते गोबर पानी में डुबोकर ...और पढ़ें

पीड़ित अमित उरांव और घर पर पसरा सन्नाटा।

पीड़ित अमित उरांव और घर पर पसरा सन्नाटा।

HighLights

  1. युवक के हाथ खौलते गोबर पानी में डुबोए, बुरी तरह झुलसे।

  2. 20 हजार रुपये चोरी के शक में अमानवीय यातना दी गई।

  3. चार नामजद आरोपियों पर एफआईआर, पुलिस छापेमारी कर रही।

संवाद सूत्र, बेड़ो। नरकोपी थाना क्षेत्र के सरवा गांव में अंधविश्वास के नाम पर 18 वर्षीय युवक के हाथ खौलते गोबर पानी में डालने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

नरकोपी थाना पुलिस ने आरोपी चंपा उरांव, बंधईन उरांव, आनंद उरांव व बिनोद उरांव के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। थाना में कांड संख्या 14/026, बीएनएस की धारा 124(1), 217(3)/3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

थाना के एएसआई राम नगीना प्रसाद के नेतृत्व में आरोपियों की धर-पकड़ के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है। पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार गहन जांच कर रही है।

हालांकि सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। थाना प्रभारी ने शैलेंद्र कुमार टुडू ने कहा कि अंधविश्वास के नाम पर युवक को दी गई अमानवीय यातना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं पीड़ित अमित उरांव का इलाज रांची के ग्लोबल अस्पताल में चल रहा है।

खौलते गोबर पानी में डुबो दिया हाथ

ज्ञात हो कि 27 अप्रैल को सरवा गांव में 20 हजार रुपये चोरी के शक में अमित उरांव के दोनों हाथ खौलते गोबर मिश्रित पानी में डुबो दिए गए थे। इससे उसके हाथ बुरी तरह झुलस गए और दो उंगलियां गल गई थीं।

मांडर प्रखंड सह नरकोपी थाना क्षेत्र के सरवा गांव में करीब डेढ़ माह पूर्व हुई अंधविश्वास की आड़ में कानून को हाथ पर लेने और मानवता की जड़ों को झकझोरने का एक सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है।

किसी ने यह सपने में भी इस तरह की अमानवीय घटना की कल्पना नहीं किया होगा। जो मानवता की रूह को कंपा कर एक एक अदभुत चर्चा का विषय बन जाएगा।

घटना घर 27 अप्रैल की है। गौरतलब है कि गत 27 अप्रैल को सरवा गांव निवासी चंपा उरांव ने धान का बोरा को हटाने को लेकर सहयोग और मदद के लिए अमित उरांव को अपने घर पर बुलाया था। इसके बाद चंपा उरांव की पत्नी बंधईन उरांव ने युवक अमित उरांव पर उसके घर से 20 हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगाया।

साथ ही इस कथित चोरी के मामले को लेकर चोरी की सच्चाई को सामने लाने के लिए आरोपियों ने अंधविश्वास का सहारा लिया।

वहीं, इस वैज्ञानिक व डिजिटल युग में कानून को हाथ पर लेकर इसी गांव के रहनेवाले एक युवक करीब 18 वर्षीय अमित उरांव पिता बुधवा उरांव पर चंपा उरांव और उसके दोनों पुत्रों आनंद उरांव व बिनोद उरांव ने इस घटना को अंजाम दिया।

मुंह में ढूंस दिया कपड़ा

साथ ही घटना को अंजाम देने के पूर्व अमित उरांव के मुंह पर कपड़ा ढंक दिया। साथ ही उसके दोनों हाथों को मजबूती से पकड़कर खौलते हुए गोबर मिश्रित पानी में डूबो दिया। जिससे उसके दोनों हाथ झुलस गए। साथ ही उसकी हाथ की कुछ उंगलियां कट कर गिर गईं।

इस दौरान उसने अपने बचाव को लेकर चिल्लाने का प्रयास भी किया लेकिन मुंह पर कपड़ा ढंका रहने के कारण उसकी आवाज दबकर रह गई। वहीं भुक्तभोगी अमित उरांव ने बताया कि मानवता की सारी हदों को पार कर इन्होंने उसके हाथों को करीब पांच मिनट तक खौलते हुए गोबर मिश्रित पानी में रखा।

जिससे उसके दोनों हाथ झुलस गए और कुछ अंगूलियां कट गईं। इस दौरान दर्द से कराहते हुए अमित उरांव ने निर्मम और व्हशी बने इन लोगों से चोरी नहीं करने की बात कही और छोड़ देने की मिन्नतें मांगी।

इसके वावजूद पत्थर दिल वाले लोगों पर इसका कुछ असर नहीं हुआ। पीड़ित अमित उरांव ने बताया कि चंपा उरांव की पत्नी बंधईन उरांव उसके घर पर आई।उसने उसे भरोसे में लिया। साथ ही उसे अपने घर पर ले गई। वहां पूर्व से ही गोबर मिश्रित गर्म पानी खौल रहा था।

भुक्तभोगी ने कहा कि उसे यह बताया गया कि चोरी की सच्चाई को सामने लाने के लिए एक प्रथा चली आ रही है। गोबर मिश्रित खौलते हुए पानी में हाथ डालने से जो व्यक्ति चोरी नहीं करता है उसका हाथ नहीं जलता है और जो व्यक्ति चोरी करता है उसका हाथ जल जाता है।

बस इतना कहने के बाद चंपा उरांव और उसके दो पुत्र आनंद उरांव व बिनोद उरांव ने उसे कसकर पकड़ा और मुंह पर कपड़ा ढंककर उसके हाथों को खौलते हुए गोबर मिश्रित गर्म पानी में डूबो दिया। वह छटपटाता रहा,दया की भीख मांगी लेकिन वहसी बने इन लोगों ने उसके दोनों हाथों को करीब पांच मिनट तक खौलते हुए गोबर मिश्रित गर्म पानी में रखा।

कट गई उंगलियां

जिससे उसके दोनों हाथ झुलस गए और कुछ उंगलियां कट कर गिर गईं। इस दौरान युवक के दर्द से चीखने चिल्लाने पर उसके मुंह को बंद कर दिया गया। वहीं, घटना के बाद स्वजनों ने घायल युवक को इलाज के लिए रांची रातू रोड स्थित ग्लोबल निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसका अब भी उपचार चल रहा है।

पीड़ित अमित उरांव ने बताया कि बंधइन उरांव ने उसे अपने घर से बुलाकर अपने घर ले गई। जहां उसके पति चंपा उरांव, बेटा आनंद उरांव व विनोद उरांव ने मिलकर व उसे पकड़कर इस घटना को अंजाम दिया।

उन्होंने बताया कि गोबर मिश्रित उबलते हुए पानी में हाथ डलवाने से उसके हाथों में गंभीर घाव हो गया है और उसके दोनों हाथों को कुछ उंगलियां भी झुलसकर कट गयी हैं।

इधर पीड़ित की मां सुमी उरांव के द्वारा एक महीने बाद समझौता के कारण 27 मई को नरकोपी थाना में कांड 14/026 बीएनएस की धारा124(1)217(3)/3(5) के तहत आरोपियों के विरुद्ध एक नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गई है।

FIR के बाद आरोपी के परिवार ने गांव छोड़ा

नरकोपी थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस की छापामारी से घबराकर आरोपियों ने सरवा गांव छोड़ दिया है। वे सभी अपने घर ताला बंद कर भाग गए हैं। पुलिस की ताबड़तोड़ छापामारी अभियान से उनकी नींद उड़ गई है।

जब यह संवाददाता उनका गांव स्थित घर पहुंचा तो घर पर तालाबंद था। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि वे कुछ दिन से फरार हो गए हैं।

इलाज के लिए ले गए थे रांची

इलाज के लिए रांची जाने पर पीड़ित अमित उरांव का घर भी बंद मिला। शाम साढ़े पांच बजे तक इंतजार करने के वावजूद जब वे नहीं लौटे तो दूरभाष पर सूचना मिली कि रांची के अस्पताल में इलाज के लिए चिकित्सक शाम को लौटेंगे। इसके बाद ही वे घर लौटेंगे। इसीलिए पीड़ित और उनके स्वजन से कोई बातचीत नहीं हो सकी।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

नरकोपी थाना के एएसआई राम नगीना प्रसाद ने कहा कि इस संदर्भ में पीड़ित की मां सुमी उरांव के द्वारा आरोपी चंपा उरांव,बंधईन उरांव,आनंद उरांव व बिनोद उरांव के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की धर पकड़ के लिए पुलिस की टीम लगातार छापामारी जारी है।

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