Shravani Mela 2026: बदल गई बाबाधाम की सुरक्षा व्यवस्था, AI कैमरे और ड्रोन से निगरानी; झारखंड DGP के निर्देश
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने राजकीय श्रावणी मेला-2026 की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। मेले में 14 हजार अतिरिक्त ...और पढ़ें

श्रावणी मेला में परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, DGP तदाशा मिश्रा ने तैनात किए 14 हजार जवान।
HighLights
14 हजार अतिरिक्त जवान, रैफ, एनडीआरएफ की तैनाती।
ड्रोन, एआई और सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी।
देवघर में यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में आगामी राजकीय श्रावणी मेला-2026 के सफल संचालन, सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के मद्देनजर डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सोमवार को अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में डीजीपी ने श्रावणी मेले के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए समन्वित, तकनीक आधारित व संवेदनशील पुलिसिंग सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से समीक्षा की।
श्रावणी मेला में जिला बल, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) व इंडियन रिजर्व बटालियन (आइआरबी) के 14 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। वहीं, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) की पांच कंपनियों के अलावा राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरफ) की दो कंपनियों को भी श्रावणी मेले में तैनात किया जा रहा है।
श्रावणी मेले की निगरानी में ड्रोन कैमरे का उपयोग तो होगा ही, इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) कैमरे व सीसीटीवी कैमरों से भी श्रावणी मेेले में संदिग्धों पर नजर रखी जाएगी।
बैठक के अंत में डीजीपी ने निर्देश दिया कि श्रावणी मेला के दौरान प्रत्येक स्तर पर वरीय पुलिस पदाधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश देना सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रावणी मेला के दौरान अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित करते हुए सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुगम दर्शन की सुविधा उपलब्ध हो तथा श्रावणी मेला का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो।
बैठक में डीजीपी ने अधिकारियों को जो दिया आदेश
- क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) का गठन करें, बल को दिशा-निर्देश दें व उनके आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करें। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को करें तैनात।
- यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन करें। भारी एवं सामान्य वाहनों के लिए अलग रूट प्लान सुनिश्चित करें। ओपी, टीओपी की मानिटरिंग करें।
- संपूर्ण मेला क्षेत्र, प्रमुख मंदिर परिसर, कांवरिया पथ एवं पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीस घंटे निगरानी करें। कंपोजिट कंट्रोल रूम (सीसीआर) से सतत निगरानी करें। ड्रोन व एआइ कैमरा एवं आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर भीड़ एवं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें।
- महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करें। पुलिस सहायता केन्द्र, महिला सहायता केन्द्र, चाइल्ड हेल्प डेस्क एवं खोया-पाया केन्द्रों को 24 घंटे सक्रिय रखें।
- मेडिकल इमरजेंसी, अग्निशमन, एनडीआरएफ / एसडीआरएफ, एम्बुलेंस एवं अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित रखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करें।
- असामाजिक तत्वों, जेबकतरों, अपराधियों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखते हुए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करें।
- मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए जगह-जगह पर रूट मैप तथा आवश्यक मोबाइल नंबर लगवायें साथ ही इनका पंपलेट भी छपवाकर श्रद्धालुओं में वितरण की व्यवस्था करें।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिये भीड़-भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों जैसे जसीडीह, धनबाद आदि के परिसरों में विशेष सर्तकता बरतें एवं भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही रेलवे अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्लेटफार्म पर चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम स्थापित करें।
- बैरिकेडिंग एवं ड्राप गेट तथा सार्वजनिक संबोधन प्रणाली लगवाना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी आपातकाल परिस्थिति के लिए गए ग्रीन कारिडोर की व्यवस्था हो सके।
- श्रद्धालुओं के ठहरने वाले स्थान पर विशेष रूप से बिजली/पानी/शौचालय (पुरुष एवं महिला) आदि का समुचित व्यवस्था अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर उपलब्ध कराएं।
बैठक में ये रहे मौजूद
पुलिस मुख्यालय में डीजीपी के साथ बैठक में आइजी रेल डा. माइकल राज एस.,आइजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, आइजी दुमका पटेल मयूर कन्हैयालाल, डीआइजी विशेष शाखा नौशाद आलम, डीआइजी रेल प्रियदर्शी आलोक, डीआइजी सीआरपीएफ सतीश कुमार लिंडा, एसपी विशेष शाखा एचपी जनार्दन, एसपी संचार एवं तकनीकी सेवा प्रशांत आनन्द, एसपी अभियान दीपक कुमार शर्मा, एसपी गृह रक्षा वाहिनी सह अग्निशमन कैलाश करमाली मौजूद थे।
वहीं, वीडियो कांफ्रेंसिंग से डीआइजी दुमका के अलावा एसपी देवघर, एसपी दुमका, एसपी रेल धनबाद व एसपी रेल जमशेदपुर बैठक में शामिल हुए।
