विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड में होगा 1.35 लाख करोड़ का निवेश, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज दर्जभर कंपनियों के साथ करेंगे MOU

Published: Thu, 09 Jul 2026 07:00 AM (IST)

झारखंड सरकार नई दिल्ली में 1.35 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए जिंदल, टाटा स्टील सहित कई कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करेगी।

हेमंत सोरेन। फाइल फोटो

हेमंत सोरेन। फाइल फोटो

HighLights

  1. झारखंड सरकार 1.35 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू करेगी।

  2. जिंदल, टाटा स्टील, रूंगटा माइंस जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल होंगी।

  3. खनन, बिजली, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्रों में होगा बड़ा निवेश।

आशीष झा, रांची। झारखंड सरकार गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ताज होटल में देश की प्रसिद्ध दर्जनभर कंपनियों के साथ 1.35 लाख करोड़ रुपये के निवेश को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

प्रमुख कंपनियों में जिंदल की तीन (जिंदल स्टील, जिंदल न्यूक्लियर पावर और जिंदल रिन्यूएबल) कंपनियों के साथ अलग-अलग करार होगा। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रूंगटा माइंस के साथ-साथ रूंगटा संस के साथ भी करार होगा।

खनन और बिजली उत्पादन के क्षेत्र में ये करार महत्वपूर्ण होंगे। टाटा स्टील, अंबुजा सीमेंट और वरुण वेबरेजेज के साथ भी करार की तैयारी की गई है।

वरुण वेबरेजेज साफ्ट ड्रिंक बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में शामिल है। इसके साथ ही उद्योग विभाग की दो नीतियों पर भी व्यवसायियों के साथ चर्चा की जाएगी।

झारखंड में अमलगम स्टील कंपनी के साथ करार को लेकर भी मसौदा तैयार कर लिया गया है। गुरुवार को ही कई पर्यटन से जुड़ी कई कंपनियों के साथ झारखंड सरकार के वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में एमओयू पर साइन करने की तैयारी है। इसके लिए संबंधित विभागों के सचिव और मंत्री भी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं।

झारखंड में हास्पिटैलिटी सर्विसेज को लेकर करार की तैयारी पूरी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के पर्यटन मंत्री की मौजूदगी में एक दर्जन से अधिक कंपनियों के साथ करार की पूरी तैयारी कर ली गई है। इन कंपनियों में प्रमुख रूप से नेट मैट्रसेज, ईज माई ट्रिप, रडिशन ग्रुप आफ कंपनीज, ओयो रूम्स, अंबुजा, सरोवर होटल, मेयफेयर, एचपीसी, टाटा मोटर्स, वीआरओ हास्पिटैलिटी सर्विसेज आदि कंपनियों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना बताई गई है।

पहली बार इतनी बड़ी संख्या मं होटलों के साथ करार किया जा रहा है। इसके माध्यम से राज्य सरकार पर्यटकों का एक से एक सुविधाएं सुनिश्चित करना चाहती है।

झारखंड में पर्यटन के माध्यम से उद्योगों को स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जिन होटलों के साथ करार हो रहा है उनमें से कई फाइव स्टार सुविधाएं पूरे देश में मुहैया करार रही हैं।

यह भी पढ़ें- झारखंड की पहचान सिर्फ माइंस से नहीं, माइंड्स से हो: दिल्ली में बोले CM हेमंत सोरेन, IT और AI निवेश के लिए खोला रोडमैप