रांची, राब्यू। NITI AYOG खनिज संपदा से भरपूर झारखंड के लोग गरीब हैं। यहां के 42.16 लोग अपना जीवन गरीबी में बिता रहे हैं। झारखंड उन तीन राज्यों में शामिल है, जहां सबसे अधिक गरीबी है। नीति आयोग द्वारा जारी पहली बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआइ) रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश देश के सबसे निर्धन राज्यों में शामिल है।

सूचकांक के अनुसार, बिहार की 51.91 प्रतिशत आबादी गरीब है। गरीबी में बिहार के बाद झारखंड का स्थान है, जहां के 42.16 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन बसर करती है। उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर है। यहां 37.79 प्रतिशत आबादी गरीब है। देश के जिन राज्यों में सबसे कम गरीबी है, उनमें केरल (0.71 प्रतिशत) शीर्ष पर है। इसके बाद गोवा (3.76 प्रतिशत), सिक्किम (3.82 प्रतिशत), तमिलनाडु (4.89 प्रतिशत) और पंजाब (5.59 प्रतिशत) का स्थान है। केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा और नगर हवेली में सबसे अधिक गरीबी है। वहां 27.36 प्रतिशत लोग गरीब हैं। दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 12.58 प्रतिशत और दिल्ली में 4.79 प्रतिशत लोग गरीब हैं।

बिहार के बाद झारखंड में सबसे अधिक कुपोषण

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट के अनुसार भले ही झारखंड में ब'चों के पोषण में सुधार हुआ है, लेकिन नीति आयोग की रिपोर्ट यह कहती है कि बिहार के बाद झारखंड में सबसे अधिक कुपोषण है। कुपोषण में झारखंड के बाद मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ का स्थान है। वहीं, स्व'छता से वंचित आबादी के मामले में झारखंड की रैंकिंग सबसे खराब है।

Edited By: Kanchan Singh