रांची, जेएनएन। School Reopen in Jharkhand झारखंड में प्राइवेट स्‍कूल खुल गए हैं। नए साल 2021 में सोमवार से यहां पठन-पाठन शुरू हो गया है। हालांकि, अभी सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक सिर्फ 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को ही स्‍कूल में आने की अनुमति दी गई है। इस बीच सोमवार को झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के तारीखों की घोषणा कर दी है। सीबीएसई ने पहले ही कक्षा 10 और 12 के लिए इस साल हाेने वाली बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी है।

इधर, कोरोना वायरस संक्रमण के कम होते असर के बीच झारखंड के शिक्षण संस्थानों को पहले ही खोलने की हरी झंडी दे दी गई है। छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक इससे काफी खुश दिख रहे हैं। सोमवार, 4 जनवरी से यहां 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए बड़ी संख्‍या में छात्र पहुंचेंगे। सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा की तारीख की घोषणा होने के बाद यहां प्री बोर्ड परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

इधर झारखंड एकेडमिक काउंसिल भी जल्‍द ही बोर्ड परीक्षा की तारीखों का एलान करने वाला है। जानकारी के मुताबिक झारखंड एकेडमिक काउंसिल की वर्ष 2021 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र लगभग तय कर लिए गए हैं। इधर राज्‍य सरकार की ओर से स्‍कूलों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इसके मुताबिक यहां कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्‍कूलों में पर्याप्‍त उपाय किए जाने जरूरी हैं। छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले स्‍कूल कार्रवाई के दायरे में होंगे। सरकारी गाइडलाइन के आलोक में प्राइवेट स्‍कूलों की सतत मॉनी‍टरिंग की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक सबसे पहले स्‍कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षा को खोला गया है। जल्‍द ही सरकार दूसरी कक्षाओं के छात्रों के लिए भी स्‍कूल खोलने की घोषणा कर सकती है। इधर कॉलेजों के साथ हाॅस्टल भी खोले जा रहे हैं। मई महीने में सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा के साथ ही इंजीनियरिंग और मेडिकल आदि की कई प्रतियोगिता परीक्षाएं होंगी। ऐसे में छात्रों को कम समय में परीक्षा की पर्याप्‍त तैयारी के लिए स्‍कूलों में युद्धस्‍तर पर कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। शिक्षा विभाग के मुताबिक स्‍कूलों की दूसरी कक्षाओं के छात्रों की पढ़ाई फिलहाल ऑन लाइन ही चलती रहेगी।

प्राइवेट स्‍कूलों के लिए गाइडलाइन (Private School Reopen Guidelines)

  •  बच्चों के गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी तथा उनके हाथ धुलाए जाएंगे व सैनिटाइज किए जाएंगे।
  • स्कूल के प्रवेश द्वार से वर्ग कक्ष तक 6 फीट की दूरी पर गोल घेरे अथवा चिह्न अंकित किए जाएंगे।
  •  शिक्षक और छात्र-छात्रा छह फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखेंगे। इसी आधार पर कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था की जाएगी। अन्य जगहों पर भी ऐसी ही व्यवस्था होगी।
  • सभा, खेल एवं अन्य गतिविधियां नहीं होंगी।
  • आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर स्कूलों में प्रदर्शित किए जाएंगे।
  • स्कूल संचालन हेतु बच्चों की संख्या को देखते हुए आवश्यकतानुसार रोटेशन के हत अलग-अलग पाली के अनुसार समय सारणी का निर्धारण किया जाएगा ताकि शारीरिक दूरी के नियमों का अनुपालन हो सके।
  • नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से समन्वय स्थापित करते हुए बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए विद्यालय के प्रमुख स्थान पर स्वास्थ्य केंद्र का नंबर आवश्यक रूप से अंकित किया जाएगा।
  •  बायोमिट्रिक उपस्थिति के स्थान पर संपर्क रहित उपस्थिति हेतु वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
  •  मौसम को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार बाहरी स्थान का उपयोग किया जा सकेगा।