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झारखंड में 1400 स्कूलों और 2.25 लाख छात्रों के शिक्षण स्तर का ऑडिट पूरा, गोल्ड रेटिंग पर प्राचार्यों को मिलेगा अवार्ड

Published: Mon, 14 Sep 2026 03:44 PM (IST)

झारखंड में स्कूल प्रमाणीकरण कार्यक्रम के तहत 1,400 स्कूलों और 2.25 लाख बच्चों के शिक्षण स्तर का मूल्यांकन किया गया ...और पढ़ें

बच्चों के शिक्षण स्तर, नवाचार व उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर स्कूलों का होगा प्रमाणीकरण।

बच्चों के शिक्षण स्तर, नवाचार व उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर स्कूलों का होगा प्रमाणीकरण।

HighLights

  1. 1400 स्कूलों का मूल्यांकन, 2.25 लाख बच्चों के शिक्षण स्तर का आकलन।

  2. प्रदर्शन के आधार पर स्कूलों को गोल्ड, सिल्वर, कांस्य श्रेणी मिलेगी।

  3. बच्चों के शिक्षण स्तर सुधारने, नवाचार व बेहतर सुविधाओं को बढ़ावा देना।

राज्य ब्यूरो, रांची। स्कूल प्रमाणीकरण कार्यक्रम के तहत इस बार 1,400 स्कूलों का मूल्यांकन किया गया है। इस क्रम में इन स्कूलों के 2.25 लाख बच्चों के शिक्षण स्तर का भी मूल्यांकन हुआ है। कार्यक्रम के तहत स्कूलों के नामांकन, प्रशिक्षण तथा मूल्यांकन का कार्य संपन्न हो चुका है। अब मूल्यांकन के बाद सामने आए तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

इस आधार पर स्कूलों का प्रमाणीकरण होगा। प्रदर्शन के आधार पर स्कूलों को गोल्ड, सिल्वर तथा कांस्य श्रेणी में प्रमाणपत्र दिया जाएगा।झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन के अनुसार, राज्य के सभी 24 ज़िलों के नामांकित 1,400 सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन किया गया है।

मूल्यांकन चरण पूरा होने के बाद कार्यक्रम अब अपने अगले चरण में जाएगा, जहां फ़ाइनल स्कोरिंग के लिए बच्चों के मूल्यांकन, स्कूल के माहौल, वहां उपलब्ध सुविधाएं और बच्चों तथा शिक्षकों की उपस्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के शिक्षण स्तर को बेहतर बनाना तथा नवाचार व बेहतर सुविधाओं के लिए विद्यालयों के बीच प्रतियोगिता को बढ़ाना है।

अगले माह तक विद्यालयों के प्रमाणीकरण पूरा होने की संभावना है। बताते चलें कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष विद्यालयों का प्रमाणीकरण किया जाता है। बेहतर प्रदर्शन करनेवाले विद्यालयों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है, जिससे विद्यालयों की सुविधाएं और भी बेहतर की जाती हैं।

गोल्ड श्रेणी प्राप्त करनेवाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाता है। स्कूलों के मूल्यांकन में वहां उपलब्ध सुविधाओं के अलावा साफ-सफाई, शौचालय और पेयजल की स्थिति, बिजली, इंटरनेट, कंप्यूटर आदि की उपलब्धता, सामुदायिक सहभागिता तथा बच्चों के परिणाम को भी देखा जाता है। 

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