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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड के सरकारी स्कूल से हटाया गया उर्दू शब्द, विद्यालय प्रबंधन समिति तीन दिन में होगी भंग

By Sanjay KumarEdited By:
Published: Wed, 20 Jul 2022 12:24 PM (IST)Updated: Wed, 20 Jul 2022 12:25 PM (IST)

Jharkhand News झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी के सरकारी विद्यालय के नाम के साथ लिख दिया उर्दू शब्द पर ...और पढ़ें

Jharkhand News: झारखंड के सरकारी स्कूल से हटाया गया उर्दू शब्द।
Jharkhand News: झारखंड के सरकारी स्कूल से हटाया गया उर्दू शब्द।

ओरमांझी, संसू। Jharkhand News झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी के मुस्लिम बाहुल्य गांव में सरकारी विद्यालय के नाम के साथ लिख दिया उर्दू शब्द पर जिला शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए विद्यालय में लिखा उर्दू शब्द हटवा दिया गया है। विभाग के निर्देश पर विद्यालय की एचएम अर्चना कुमारी ने काले रंग के पेंट से उर्दू शब्द हटावा दिया। इसके अलावा विद्यालय की प्रबंध समिति को तीन दिन के अंदर भंगकर प्रबंध समिति का पुनर्गठन करने का भी निर्देश दिया गया है। इसमें कहा गया है कि पुनर्गठित समिति में पुरानी समिति का कोई भी सदस्य शामिल नहीं होना चाहिए।

इससे पूर्व दैनिक जागरण में संबंधित समाचार छपने के दूसरे दिन ही प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) निर्मला प्रजापति द्वारा एक जांच टीम गठित कर नवसृजित प्राथमिक विद्यालय चांद नगर बरवे की जांच पड़ताल की गई थी। विद्यालय की एचएम अर्चना कुमारी व प्रबंध समिति के अध्यक्ष रहीम अंसारी से उर्दू लिखे शब्त के संबंध में जानकरी लेने व विद्यालय के रिकार्ड में उर्दू शब्द का किसी प्रकार का दस्तवाजे नहीं मिलने के बाद बीईईओ द्वारा जिला शिक्षा विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट मिलते ही विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई है। जांच टीम में बीआरपी अरशद अनवर, सीआरपी दिलीप लकड़ा व राजदीप आदि शामिल थे।

प्रबंध समिति के पुनर्गठन में होगी परेशानी: बीईईओ

प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी निर्मला प्रजापति का कहना है कि विद्यालय में मात्र 24 बच्चे हैं। प्रबंध समिति भंग की जा सकती है, लेकिन पुनर्गठन करने में परेशानी होगी। कई अभिभावक के दो या तीन बच्चे विद्यालय में नामांकित हैं। अब नए लोगों को समिति में कहां से लाया जाए। पुनर्गठन के लिए जिला शिक्षा विभाग से मार्गदर्शन के लिए पत्राचार किया जाएगा।