Jharkhand Sand Mining: झारखंड में बालू खनन पर 10 जून से रोक, NGT के आदेश पर सरकार का बड़ा फैसला
झारखंड में 444 बालू घाटों में से केवल 14 वैध रूप से संचालित हैं, जहां से खनन शुरू हुआ है। ...और पढ़ें

बालू खनन। फाइल फोटो
HighLights
झारखंड में 444 में से 14 बालू घाट वैध रूप से संचालित।
NGT के निर्देश पर 10 जून से 15 अक्टूबर तक खनन बंद।
दुमका, हजारीबाग, रांची सहित सात जिलों में खनन जारी।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के 444 बालू घाटों में से वैध रूप से संचालित घाटों की संख्या 14 हो गई। झारखंड के सात विभिन्न जिलों में स्थित इन घाटों से बालू खनन चालू हो चुका है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के निर्देश पर अब 10 जून से 15 अक्टूबर तक खनन कार्य नहीं होगा।
महज चंद दिनों में इन घाटों से बालू का उठाव भी बंद हो जाएगा। हालांकि बुधवार तक बालू घाटों से बालू को स्टॉकयार्ड तक पहुंचाने का सिलसिला जारी रखा जा सकता है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, दुमका में तीन बालू घाट संचालित हो रहे हैं, तो हजारीबाग में दो, रांची में एक और गोड्डा में तीन घाट संचालित हैं। इनके साथ ही पूर्वी सिंहभूम में दो और रामगढ़ में तीन घाटों का संचालन अभी हो रहा है।
बालू घाटों की जानकारी
संचालित बालू घाटों में दुमका में छोटाकमती बालू घाट (3.71 हेक्टेयर), कटानाई बालू घाट (4.97 हेक्टेयर) और हरिपुर बालू घाट (0.82हेक्टेयर) संचालित है। हजारीबाग में सांढ़ और सोनपुरा बालू घाट (4.58 हेक्टेयर) एवं लंगाटू-सिकरी घाट (3.48 हेक्टेयर) संचालित है।
रांची में मात्र एक श्यामनगर बालू घाट (5 हेक्टेयर) संचालित है। गोड्डा में जसमाता बालू घाट (1.82 हेक्टेयर), घाट झिलुआ (1.82 हेक्टेयर) और सनातन घाट (3.98 हेक्टेयर) संचालित है।
पूर्वी सिंहभूम में कोरियामोहनपाल बालू घाट (34.7 हेक्टेयर) और कोरियामोहनपाल एव सुवर्णरेखा बालू घाट (46.3 हेक्टेयर) संचालित हो रहा है।
इसके अलावा रामगढ़ में सिरका बालू घाट (2.46 हेक्टेयर), टोकीसूद (0.93 हेक्टेयर) और पैनकी संबंधित कागजी कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है जिसके बाद इन घाटों पर से बालू उठाव का मार्ग प्रशस्त हो चुका है। कुछ प्रक्रियाओं को पूर्ण करना बाकी है।
