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    Jharkhand में अवैध और नकली शराब पर रोक के लिए नया सिस्टम, क्यूआर कोड से होगी निगरानी

    By Dilip Kumar Edited By: Kanchan Singh
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 06:58 PM (IST)

    झारखंड सरकार ने अवैध और नकली शराब की समस्या से निपटने के लिए एक नई पहल की है। अब शराब की बोतलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिससे उनकी निगरानी आसान हो जाएगी। इस प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को असली शराब पहचानने में मदद मिलेगी। यह कदम अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने में सहायक होगा।

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    राज्य में अवैध व नकली शराब की आपूर्ति रोकने के लिए मजबूती से लागू होगा ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम।

    राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में शराब की प्रत्येक बोतलों की सख्त निगरानी की तैयारी है, ताकि उपभोक्ताओं तक अवैध व नकली शराब न पहुंच सके। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के निर्देश पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम ने इसे लेकर ही उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल का दौरा किया है। 

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    टीम ने वहां जाकर शराब बिक्री की व्यवस्था का अध्ययन किया है। इन दोनों राज्यों में ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम से बोतलों की सख्त निगरानी हो रही है। इस सिस्टम को उन राज्यों में कैसे सफलता पूर्वक लागू किया गया है, उस पर विस्तृत जानकारी लेकर लौटी टीम अपनी रिपोर्ट बना रही है।

    उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक इससे संबंधित रिपोर्ट मंत्री को मिल जाएगी। ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम के माध्यम से शराब की प्रत्येक बोतलों के क्यूआर को स्कैन कर उसका इतिहास पता किया जा सकेगा। जैसे शराब की वह बोतल किस गोदाम से कब निकली है, उसकी आपूर्ति किस जिले में की गई है।

    क्यूआर स्कैन से उक्त शराब की बोतल के असली व नकली होने का सबूत मिल जाएगा। विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में उनका लक्ष्य राज्य में अवैध शराब की आपूर्ति को रोकना है, ताकि बेहतर व असली शराब उपभोक्ताओं तक पहुंचे।

    फर्जीवाड़ा खत्म होगा तो राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। जहां-जहां लीकेज है, उसे दूर करना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पूरा ध्यान शराब की बोतलों की निगरानी के लिए ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम पर है। इसके लिए ही अधिकारियों की टीम को यूपी-बंगाल भेजा गया था।

    अक्टूबर तक 2500 करोड़ रुपये का आ चुका है राजस्व

    उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में अक्टूबर तक 2500 करोड़ रुपये का राजस्व आ चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने 3960 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है। अब भी पांच महीने शेष हैं। मंत्री ने उम्मीद जताई है कि राजस्व लक्ष्य को विभाग शीघ्र पूरा कर लेगा। वर्तमान में राज्य में शराब की दुकानों में ब्रांडेड शराब की आपूर्ति ठीक है, जिससे बिक्री बढ़ी है।

    शराब घोटाला में कारोबारी नवीन केडिया को नहीं मिली राहत

    शराब घोटाला मामले में आरोपित कारोबारी नवीन केडिया को राहत नहीं मिली है। एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने उसकी ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

    अदालत ने 21 नवंबर को याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। जांच में शराब घोटाले में उनकी संलिप्तता सामने आई है। नवीन केडिया अग्रिम राहत की गुहार लगाते हुए 30 अक्टूबर को याचिका दाखिल की थी।