रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Politics मुख्यमंत्री आवास में शनिवार की सुबह से ही विधायकों का जुटान शुरू हो गया है। कहने को तो बैठक प्रदेश में सुखाड़ के हालात पर चर्चा के लिए बुलाई गई है लेकिन इसके पीछे कई राजनीतिक मायने हैं। कांग्रेस के कई विधायक सरकार से लगातार नाराज चल रहे थे और इस बैठक के बहाने विधायकों की पीड़ा और उनकी शिकायत सुनने की कोशिश की जाएगी। हालांकि कई विधायकों ने बताया कि उनके पास बैठक को लेकर किसी एजेंसी की जानकारी नहीं है।

किस विषय पर बैठक है विधायकों को ये भी नहीं पता

वित्त मंत्री एवं कांग्रेस के सीनियर नेता रामेश्वर उरांव के अनुसार बैठक की जानकारी विधायक दल के नेता ने दी है लेकिन किस विषय पर बैठक है यह वहां पहुंचने पर ही पता चलेगा। बैठक लगभग आज लगभग 1 बजे शुरू होगी लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के विधायक पहले ही पहुंचने लगे हैं। माना जा रहा है कि माइनिंग लीज प्रकरण में निर्वाचन आयोग के फैसले को लेकर राज्य सरकार अपनी रणनीति तैयार करेगी। किसी भी परिस्थिति में सरकार को बचाने अथवा बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।

निर्वाचन आयोग का फैसला एक-दो दिनों में आने की उम्मीद

ज्ञात हो कि राजधानी के अनगड़ा माइंस लीज मामले में पूरी सुनवाई करने के बाद निर्वाचन आयोग ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और एक-दो दिनों में यह फैसला सामने आने की उम्मीद की जा रही है। आयोग का फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है। आयोग के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर अभी से सत्ताधारी गठबंधन कमर कसकर तैयार हो गया है। विभिन्न तरह के अटकलों के बीच सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों की बैठक मुख्यमंत्री आवास में बुलाई गई है जिसमें झामुमो के अलावा कांग्रेस और राजद के विधायक मौजूद रहेंगे।

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा- सुखाड़ के मसले पर चर्चा होगी

कांग्रेस ने कोलकाता के जेल में बंद तीन विधायकों के अलावा सभी को बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने स्वयं इस प्रकरण में सभी विधायकों से बात की है। राजद के इकलौते विधायक और मंत्री सत्यानंद भोक्ता को उपस्थित रहने का निर्देश पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने दिया है। पूरे प्रकरण पर शुक्रवार को झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बैठक में सुखाड़ के मसले पर चर्चा होगी।

कम होगी कांग्रेस विधायकों की पीड़ा

कांग्रेस के कई विधायक सरकार में अपनी अनसुनी और अनदेखी से नाराज चल रहे हैं और यदा-कदा नाराजगी व्यक्त भी करते रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एवं केंद्रीय नेतृत्व के सामने भी इन विधायकों ने अपनी शिकायतें रखी हैं। बैठक में विधायकों की शिकायतें कम करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सभी से बात करेंगे और विकट परिस्थितियों के लिए मजबूत गठजोड़ की नींव रखी जाएगी।

Edited By: Sanjay Kumar