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पुत्र धर्म निभाकर पेश की मिशाल, अभिभावक बनकर पुलिसकर्मियों का भी करें कल्याण; हेमंत सोरेन से एसोसिएशन की अपील

Published: Wed, 21 Oct 2026 05:26 PM (IST)

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए भावुक अपील की है। एसोसिएशन ...और पढ़ें

पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए हेमंत सोरेन से झारखंड पुलिस एसोसिएशन की भावुक अपील।

पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए हेमंत सोरेन से झारखंड पुलिस एसोसिएशन की भावुक अपील।

HighLights

  1. पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से कल्याण की अपील की।

  2. डीजीपी की स्वीकृति के बावजूद फाइलें रोकी जा रही हैं।

  3. भत्ते, पदोन्नति, पदस्थापन संबंधी मुद्दे लंबित हैं।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से एक भावुक अपील कर अपनी समस्याओं के प्रति ध्यान आकृष्ट कराया है और आग्रह किया है कि जिस तरह उन्होंने पुत्र धर्म निभाकर पूरे देश में एक मिशाल पेश की है, उसी तरह एक बेहतर अभिभावक बनकर पुलिसकर्मियों का कल्याण करें।

एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव सह कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री को संबोधित करने हुए इंटरनेट मीडिया पर भी भावुक पोष्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत व पारिवारिक जीवन में जिस तरह से आदर्श मूल्यों को स्थापित की है, वह सभी के लिए प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री ने अपनी समर्पित सेवा भावना से अपने माता-पिता को बैकुंठ धाम में स्थान सुनिश्चित कराया है और अपने बच्चों को भी समृद्ध संस्कृति व रीति-रिवाजों के अनुरूप संस्कारित कर एक आदर्श पिता का दायित्व निभाया है।

उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने भी सामाजिक मंच पर यथोचित सम्मान दिलाकर एक कर्तव्यनिष्ठ जीवनसाथी का धर्म भी बखूबी निभाया है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इसी नैतिक व मानवीय दृष्टिकोण को बनाए रखते हुए राज्य के पुलिसकर्मियों व समस्त कर्मचारियों के अभिभावक के रूप में उनकी समस्याओं व लंबित जायज मांगों का सहानूभूतिपूर्वक समाधान करें।

एसोसिएशन ने आगे बताया है कि पुलिसकर्मियों की दैनिक व न्यायसंगत फाइलाें को डीजीपी की स्पष्ट स्वीकृति के बावजूद निचले स्तर के पदाधिकारी उन फाइलों को रोक रहे हैं और कह रहे हैं कि सीएमओ से स्वीकृति नहीं है।

छोटे कर्मचारी सीधे मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे वे अपनी बात नहीं रख पाते हैं। सीएमओ के नाम पर ये निचले स्तर के पदाधिकारी भ्रम फैला रहे हैं और फाइलों को अटकाकर कर्मचारियों व पुलिसकर्मियों को मानसिक व प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।

ये फाइलें पुलिसकर्मियों, पुलिस अधिकारियों के भत्ते, पदोन्नति, पदस्थापन आदि से जुड़ी हैं। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इसके लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाएं, ताकि सभी समस्याओं का शीघ्र निदान हो सके।