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6 से 8 महीने तक सस्पेंड रखना मानसिक शोषण...तीन महीने से ज्यादा निलंबन पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन सख्त

Published: Tue, 15 Sep 2026 01:21 PM (IST)

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने जिलों और इकाइयों में पुलिस मैनुअल के उल्लंघन और महीनों से लंबित निलंबन फाइलों पर चिंता ...और पढ़ें

झारखंड पुलिस एसोसिएशन में पड़ी हैं ऐसी दर्जनों शिकायतें।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन में पड़ी हैं ऐसी दर्जनों शिकायतें।

HighLights

  1. पुलिस मैनुअल के उल्लंघन पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन चिंतित।

  2. निलंबन की फाइलें महीनों से लंबित, नियम का उल्लंघन।

  3. मानसिक और आर्थिक शोषण रोकने को शीघ्र निपटारे की मांग।

राज्य ब्यूरो, रांची। जिला व इकाइयों में पुलिस मैनुअल की धज्जियां उड़ रही हैं। महीनों निलंबन की फाइलें लंबित रखी जा रही हैं। ऐसी दर्जनों शिकायतें एसोसिएशन तक पहुंचीं हैं, जिसके बाद एसोसिएशन ने सभी संबंधित एसपी व कमांडेंट को ऐसी फाइलों के शीघ्र निष्पादन का आग्रह किया है।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव सह कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने एक बयान जारी कर बताया कि जिला व इकाइयों में पुलिसकर्मियों-पदाधिकारियों को महीनों निलंबित रखा जा रहा है। पुलिस मैनुअल में किसी को अधिकतम तीन महीने तक निलंबित रखने का प्रविधान है।

इस अवधि में विभागीय कार्यवाही संचालन कर दोषी है तो उसके अनुरूप सजा व निर्दोष है तो उसे दोषमुक्त करते हुए निलंबन मुक्त करने का प्रविधान है। विभागीय कार्यवाही व निलंबन की एक निश्चित समय सीमा तय है।

राकेश कुमार पांडेय के अनुसार जिला व इकाइयों में कर्मियों को छह से आठ महीने या उससे अधिक समय तक अकारण उन्हें निलंबित रखकर उनकी फाइलों को अटकाया जा रहा है। साल-साल भर तक विभागीय कार्यवाही का निष्पादन न होना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह एक प्रकार का मानसिक और आर्थिक शोषण भी है।

हाल के दिनों में ट्रांसफर-पोस्टिंग/अंगरक्षक एवं उनके हथियार, सहायक अवर निरीक्षक को अंगरक्षक बनाकर रखने में बरती जा रही अनियमितताओं के संबंध में कनीय पदाधिकारी कर्मियों ने एसोसिएशन को मौखिक एवं टेलीफोन से गंभीर शिकायतें दर्ज कराई है। नियम-विरुद्ध पदस्थापन से पुलिसकर्मियों के मनोबल एवं उनके कार्यकुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।