झारखंड में माओवादी अभियान अंतिम दौर में, सैट का होगा पुनर्गठन; एसपी और कमांडेंट करेंगे जवानों का चयन
झारखंड में माओवादी समस्या के समापन की ओर बढ़ने के साथ ही स्माल एक्शन टीम (सैट) का पुनर्गठन किया जा ...और पढ़ें

सैट के पुनर्गठन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट की पुलिस मुख्यालय में चल रही है समीक्षा।
HighLights
सैट टीमों की संख्या 124 से घटाकर 73 की जाएगी।
प्रत्येक सैट में 25 अधिकारी व जवान शामिल होंगे।
चयनित जवान शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होने चाहिए।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में माओवादियों के विरुद्ध चल रहा अभियान अब अंतिम दौर में है। माओवादियों के विरुद्ध कारगर अभियान संचालन के लिए वर्ष 2015-16 में गठित स्माल एक्शन टीम (सैट) को डीजीपी तदाशा मिश्रा के आदेश के बाद पुनर्गठित किया जा रहा है।
राज्य में सैट की 124 टीम को घटाकर 73 किया जा रहा है। इसके लिए गठित तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपी थी, जिसकी पुलिस मुख्यालय में समीक्षा चल रही है।
नवगठित सैट के लिए सभी संबंधित जिलों के एसएसपी-एसपी तथा जैप, आइआरबी व एसआइआरबी के लिए वहां के कमांडेंट जवानों व अधिकारियों का चयन करेंगे, जिसपर पुलिस मुख्यालय की मुहर लगेगी। नवगठित सैट में शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ्य, उत्साही अधिकारियों व जवानों को रखा जाएगा, ताकि उनके माध्यम से बेहतर अभियान चलाया जा सके।
सैट के पुनर्गठन को लेकर जो तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई गई थी, उसमें झारखंड जगुआर के डीआइजी इंद्रजीत महथा अध्यक्ष व जैप के डीआइजी कार्तिक एस तथा कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा सदस्य के रूप में शामिल थे।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सैट के पुनर्गठन का विचार इसके बिखरने के बाद लिया है। जब सैट का गठन किया गया था तब इसमें 20 से 22 अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवान व अधिकारी थे, जिन्हें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तर्ज पर विकसित किया गया था।
समय के साथ तबादले हुए, कुछ बीमारी तो कुछ अन्य कारणों से इधर-उधर हो गए। इससे सैट पूरा बिखर गया। कुछ टीम में तो केवल पांच या दस ही बच गए। ऐसी स्थिति में सैट मानक के अनुरूप नहीं थी।
124 के स्थान पर बननी है केवल 73 सैट
राज्य में 124 के स्थान पर केवल 73 सैट बननी हैं। इनमें जिला बल की 37 तथा जैप, आइआरबी व एसआइआरबी की 36 टीमें होंगी। झारखंड के सभी 23 जिलों में से माओवादियों से मुक्त 13 जिलों में दो-दो यानी कुल 26 सैट टीमें रहेंगी।
वहीं, शेष 11 जिलों में जिला बल की एक-एक सैट बनेगी। इस तरह जिला बल की 37 सैट बनेगी। वहीं, जैप-10 को छोड़ जैप की नौ बटालियनों से दो-दो तथा आइआरबी व एसआइआरबी की नौ बटालियनों से दो-दो यानी कुल 18 बटालियनों से 36 सैट बनेगी। इन 36 सैट का उपयोग विशेष अभियानों व क्राइम टास्क फोर्स (सीटीएफ) के रूप में होगा।
प्रत्येक सैट में होगा 25-25 का बल
प्रत्येक सैट में 25-25 अधिकारियों-जवानों का बल होगा। एक सैट में एक दारोगा, एक जमादार, चार हवलदार व 19 जवान शामिल होंगे। अगर चार अवकाश पर भी रहें तो टीम में कम से कम 20 पदाधिकारी-जवान की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
जिलों के एसपी व इकाइयों के कमांडेंट सैट के जवान व अधिकारियों का उनके फिटनेस, उनकी इच्छा आदि के आधार पर उनका चयन करेंगे और उसपर पुलिस मुख्यालय की स्वीकृति लेंगे।
