दारोगा से इंस्पेक्टर प्रोन्नति विवाद: झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई जारी, वरीयता सूची पर रोक बरकरार
झारखंड हाई कोर्ट में दारोगा से इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति की वरीयता सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई ...और पढ़ें

सोमवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी, मंगलवार को भी होगी सुनवाई।
HighLights
झारखंड हाई कोर्ट में दारोगा प्रोन्नति मामले पर सुनवाई जारी है।
पुलिस विभाग की वरीयता सूची को याचिका में चुनौती दी गई।
अदालत ने प्रोन्नति पर लगी रोक को फिलहाल जारी रखा।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट की जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सोमवार को दारोगा से इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति के लिए पुलिस विभाग की ओर से तैयार वरीयता सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई, जो पूरी नहीं हो सकी।
अब इसपर मंगलवार को भी सुनवाई होगी। अदालत ने नौ सितंबर 2024 की वरीयता सूची के आधार पर होने वाली प्रोन्नति पर लगी रोक को जारी रखा है। सुनवाई के दौरान दोनों ओर से अधिवक्ताओं ने अपना-अपना पक्ष रखा। इस संबंध में उत्तम तिवारी एवं अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि प्रार्थियों की नियुक्ति वर्ष 2018 में दारोगा पद पर सीधी नियुक्ति हुई थी। पुलिस विभाग ने नौ सितंबर 2024 को दारोगा से इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति के लिए वरीयता सूची जारी की। इसमें सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से सिपाही से दारोगा बने पुलिसकर्मियों को ऊपर रखा गया।
प्रार्थियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति दारोगा पद पर सीधी हुई है, इसलिए वरीयता सूची में उन्हें विभागीय परीक्षा से दारोगा बने कर्मियों से ऊपर रखा जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने वरीयता सूची को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 12 मई 2026 को नौ सितंबर 2024 की वरीयता सूची के आधार पर प्रोन्नति पर रोक लगा दी थी। राज्य सरकार की ओर से हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर रोक हटाने का आग्रह किया गया।
