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झारखंड के 614 पुलिसकर्मियों ने डकारे करोड़ों रुपये, DSP स्तर के अधिकारियों के नाम भी शामिल

Published: Wed, 29 Apr 2026 05:25 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 29 Apr 2026 06:50 AM (GMT+05:30)

एजी की ऑडिट रिपोर्ट में झारखंड के 14 जिलों के कोषागारों से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का खुलासा हुआ है।

झारखंड पुलिस

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राज्य ब्यूरो, रांची। पुलिस विभाग में अवैध निकासी का दायरा बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला एजी की ऑडिट रिपोर्ट में आया है, जिसमें 14 जिलों के कोषागारों से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी उजागर हुई है। इतना ही नहीं, जालसाजों ने संबंधित जिले के एसपी के नाम पर भी खाता खोलकर उस खाते से अवैध निकासी की है। 

उस खाते में अवैध तरीके से केवल अवैध वेतन की निकासी ही नहीं हुई है, बल्कि जिला पुलिस में विभिन्न डेवलपमेंट मद में एसपी के नाम से आई राशि की भी निकासी कर ली गई और वह पकड़ में नहीं आया। 

14 कोषागारों से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी 

एजी की रिपोर्ट के बाद वित्त विभाग ने भी पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और उस रिपोर्ट का सत्यापन करवा रहा है। बताया जा हा है कि राज्य के 33 कोषागारों में से 14 कोषागारों से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। सैकड़ों पुलिसकर्मियों व अन्य सरकारी कर्मियों ने सिस्टम की तकनीकी खामियों का सहारा लेकर एक ही महीने में दो-दो बार वेतन व एरियर की निकासी कर ली है। 

रिपोर्ट के अनुसार फर्जीवाड़ा कर सरकारी खजाने से कुल 31.47 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई है, जिसमें दो-दो बार वेतन भुगतान से 7.67 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। जिन्होंने दोहरे वेतन भुगतान का लाभ लिया है, उनमें डीएसपी स्तर के अधिकारी नौशाद आलम, मणिभूषण प्रसाद, राजेश यादव, मुकेश कुमार महतो भी शामिल हैं।

614 कर्मियों-पदाधिकारियों ने इस पूरे खेल को अंजाम दिया

एजी की रिपोर्ट में जिन 14 जिलों में गड़बड़ी उजागर हुई है, उनमें हजारीबाग, बोकारो, रांची, देवघर, पलामू, गोड्डा, जमशेदपुर, तेनुघाट, गुमला, चाईबासा, महेशपुर, खूंटी, सरायकेला और रामगढ़ शामिल हैं। ऑडिट के अनुसार कुल 614 कर्मियों-पदाधिकारियों ने इस पूरे खेल को अंजाम दिया है।