विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सरकार की कोशिशें नाकाम, कोर्ट में तलब अधिकारी; झारखंड के पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाने से कौन रोक रहा?

Published: Thu, 29 Oct 2026 12:37 PM (IST)

झारखंड के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम सरकारी प्रयासों और राशि आवंटन के बावजूद लंबे समय से लंबित ...और पढ़ें

सरकार की कोशिशों के बावजूद लंबे समय से लंबित है कैमरा इंस्टालेशन का मामला।

सरकार की कोशिशों के बावजूद लंबे समय से लंबित है कैमरा इंस्टालेशन का मामला।

HighLights

  1. थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम लंबे समय से लंबित।

  2. जैप-आईटी की धीमी रफ्तार से परियोजना में लगातार देरी।

  3. झारखंड उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को फिर से तलब किया।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में सरकार प्रयासरत है। कई बार कैबिनेट में भी मामला आ चुका है। प्रशासनिक स्वीकृति से लेकर राशि आवंटन तक सरकार कर चुकी है, लेकिन विभागीय स्तर पर मामला आगे नहीं बढ़ने से इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।

नतीजा यह हो रहा है कि पूरे मामले की निगरानी कर रही कोर्ट में इस मामले में तारीख पर तारीख पड़ती जा रही है और अधिकारी न्यायालय को संतुष्ट करने में विफल साबित होते जा रहे हैं। झारखंड उच्च न्यायालय ने एक बार फिर इस बिंदु पर अधिकारियों को तलब किया है।

थानों में सीसीटीवी लगाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने झारखंड एजेंसी फार प्रोमोशन आफ इंफार्मेशन टेक्नोलोजी (जैप आइटी) को सौंपा है। जैप आइटी की धीमी रफ्तार ने कोर्ट में सरकार की किरकिरी कराई है। मामला अब तक लंबित है। सरकार की कोशिशों के बावजूद कैमरे के इंस्टालेशन का काम अब तक लंबित है।

राज्य कैबिनेट ने जनवरी में ही राज्य के 606 थानों में 8854 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 134 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। थानों में नाइट विजन व आडियो-वीडियो कैमरे लगने हैं। इसके बाद से जैप आइटी ने सात फरवरी को पहले टेंडर निकाला, फिर उसे तकनीकी कारण बताकर रद कर दिया था।

तब यह बात आई थी कि सरकारी परियोजनाओं में तकनीकी बदलाव व कंपनियों से प्री-बिड मिटिंग में आए सुझावों व नियमों को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ही पहले टेंडर रद किया गया था। तकनीकी पेंच में अब तक इस मामले को विभाग ने उलझाकर रखा है, जिससे काम आगे नहीं बढ़ सका।

परामर्शी के लंबित भुगतान के लिए भी दी जा चुकी है प्रशासनिक स्वीकृति

राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा के अधिष्ठापन के लिए दो मार्च 2022 के विभागीय स्वीकृत्यादेश के आलोक में झारखंड पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन लिमिटेड (जेपीएचसीएली) ने मेसर्स अर्नस्ट एंड यंग एलएलपी (ईएंडवाई) को परामर्शी बनाया था।

27 अक्टूबर 2026 को राज्य कैबिनेट ने उक्त परामर्शी के लंबित भुगतान के लिए कुल एक करोड़ 17 लाख 52 हजार 800 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दे दी है।

सीसीटीवी लगाने का सर्वोच्च न्यायालय ने दिया था आदेश

सर्वोच्च न्यायालय ने झारखंड ही नहीं, पूरे देश के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया था। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश था कि थानों में सुरक्षा व मानवाधिकारों की रक्षा तथा पुलिस की पारदर्शी कार्यशैली की निगरानी के लिए ऐसा होना है।

थानों के पूरे परिसर को, हर कोने को आडियो-वीडियो वाले कैमरे से कवर किया जाना है। सर्वोच्च न्यायालय के इसी आदेश के आलोक में हाई कोर्ट पूरे मामले की निगरानी कर रहा है और जानकारी ले रहा है कि थानों में सीसीटीवी लगाने में विलंब की वजह क्या है।