झारखंड में पारा शिक्षकों की टेट विसंगति का युक्तिकरण प्रस्ताव फिर अटका, 17.68 करोड़ का पड़ेगा बोझ
झारखंड में पारा शिक्षकों की टेट विसंगति का मामला एक बार फिर ठंडे बस्ते में चला गया है। महाधिवक्ता द्वारा ...और पढ़ें

जिस कक्षा श्रेणी में टेट उत्तीर्ण, उस श्रेणी के लिए पदस्थापित होंगे पारा शिक्षक। (तस्वीर: सांकेतिक)
HighLights
पारा शिक्षकों की टेट विसंगति का समाधान एक बार फिर टला।
महाधिवक्ता ने टेट उत्तीर्ण श्रेणी अनुसार पदस्थापन का सुझाव दिया।
युक्तिकरण से राज्य पर 17.68 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) की टेट विसंगति का मामला एक बार फिर ठंडे बस्ते में चला गया है। वर्षों से लंबित इस समस्या के समाधान के लिए महाधिवक्ता ने पारा शिक्षकों के युक्तिकरण का सुझाव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दिया है।
इसके तहत पारा शिक्षक जिन कक्षाओं (कक्षा एक से पांच या कक्षा छह से आठ) के लिए टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण हैं, उन कक्षाओं के लिए ही स्कूलों में पदस्थापित होंगे। इससे संबंधित प्रस्ताव झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा गया, लेकिन इसपर निर्णय नहीं हो सका।
राज्य में लगभग तीन हजार पारा शिक्षक ऐसे हैं, जिनका महाधिवक्ता के परामर्श के अनुसार युक्तिकरण किया जाना है। दरअसल, राज्य में 1,330 पारा शिक्षक ऐसे हैं, जो कक्षा एक से पांच के लिए चयनित हैं, जबकि इन्होंने कक्षा छह से आठ कक्षाओं के लिए टेट उत्तीर्ण किया है।
युक्तिकरण के तहत इन्हें आवश्यक योग्यता रखने पर कक्षा छह से आठ के लिए पदस्थापित करना है। दूसरी तरफ, 804 पारा शिक्षक ऐसे हैं जो कक्षा छह से आठ के लिए चयनित हैं, लेकिन इन्होंने कक्षा एक से पांच के लिए ही टेट उत्तीर्ण हैं। महाधिवक्ता के परामर्श के अनुसार, इनका पदस्थापन कक्षा एक से पांच के लिए किया जाना है।
वहीं, 646 पारा शिक्षक ऐसे भी हैं जो कक्षा एक से पांच के लिए चयनित हैं, लेकिन इन्होंने दोनों श्रेणी यानी कक्षा एक से पांच तथा छह से आठ के लिए टेट उत्तीर्ण किया है। इन पारा शिक्षकों का पदस्थापन कक्षा छह से आठ के लिए किया जाना है।
बताते चलें कि यह टेट विसंगति होने से पारा शिक्षकों को टेट उत्तीर्ण होने का लाभ नहीं मिल रहा है। पारा शिक्षकों की नियमावली में टेट उत्तीर्ण प्रशिक्षित पारा शिक्षकों तथा सिर्फ प्रशिक्षित पारा शिक्षकाें के लिए अलग-अलग मानदेय निर्धारित है।
टेट उतीर्ण होने पर पारा शिक्षकों को अधिक मानदेय मिलता है। यह भी उल्लेखनीय है कि पारा शिक्षकों की टेट विसंगति को दूर करने के लिए महाधिवक्ता से तीन-तीन बार परामर्श लिया गया। अंतिम परामर्श में महाधिवक्ता ने इनके युक्तिकरण का परामर्श दिया।
युक्तिकरण से 17.68 करोड़ का पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
पारा शिक्षक जिस श्रेणी की कक्षाओं में टेट उत्तीर्ण हैं, उन कक्षाओं में पदस्थापित करने के लिए प्रतिवर्ष लगभग 17.68 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। बताते चलें कि शिक्षकों के युक्तिकरण पर वित्त विभाग से भी परामर्श मांगा गया था। इसपर वित्त विभाग ने कहा कि पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली के तहत मानदेय निर्धारण के लिए प्रशासी विभाग सक्षम है।
