रांची, डिजिटल डेस्क। Jharkhand Panchayat Chunav 2022 झारखंड राज्य निवार्चन आयोग झारखंड पंचायत चुनाव 2022 के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। आयोग ने प्रत्याशियों के लिए आदर्श आचार संहिता जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 ‘ट’ एवं झारखंड पंचायत राज अधिनियम, 2001 की संगत धाराओं के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत निकायों के निर्वाचन हेतु यह आदर्श आचार संहिता तैयार कर गई है।

नगरपालिका क्षेत्र में चलायी जाने वाली योजनाएं संहिता की परिधि से रहेंगी बाहर

पंचायत निर्वाचन के दौरान नगरपालिका क्षेत्र में चलायी जाने वाली योजनाएं आदि इस संहिता की परिधि से बाहर रहेंगी। सरकार के सभी विभाग एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) किसी भी शक की स्थिति में राज्य निर्वाचन आयोग का मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। पंचायत निकायों के निर्वाचन की सफलता अभ्यर्थियों, निर्वाचन अभिकर्ताओं, मतदाताओं, सरकारी तंत्र तथा सामान्य नागरिकों की अनुशासनात्मक एवं निष्पक्ष प्रवृतियों पर निर्भर करती है।

सभी को नियम का पालन करना जरूरी, वरना दंडित करेगा आयोग

पंचायत निकायों के निर्वाचन हेतु बनाए गए नियमों का पालन नहीं करने पर निर्वाचन की पवित्रता प्रभावित होगी। अतः इसे सुनिश्चत करने के उद्देश्य से आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों, चुनाव अभिकर्ताओं, प्रशासन एवं अन्य कर्मचारियों के लिए यह आचार संहिता तैयार किया है। यह सभी के लिए बिना अपवाद के अक्षरश: पालन करना अनिवार्य होगा। यदि किसी भी स्तर से इसका उल्लंघन होता है तो वह निर्वाचन अपराध के रूप में माना जाएगा। दंडनीय होगा।

झारखंड में 21 से 30 मई के बीच हो सकते हैं पंचायत चुनाव

राज्य में पंचायत चुनाव 21 मई से 30 मई के बीच चार चरणों में हो सकता है। हालांकि चुनाव की घोषणा अप्रैल माह में ही कर दी जाएगी। पंचायती राज विभाग तथा राज्य निर्वाचन आयोग में इसे लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। इसपर राज्यपाल की स्वीकृति ली जानी है। हालांकि इसमें मामूली फेरबदल हो सकता है। बताया जाता है कि अबतक की तैयारी के अनुसार, पहले चरण का मतदान 21 मई को हो सकता है। इसी तरह दूसरे चरण का मतदान 24 मई, तीसरे चरण का मतदान 27 मई तथा अंतिम चरण का मतदान 30 मई को संभावित है। हालांकि अधिकृत रूप से अभी इसकी घोषणा नहीं की गई है। बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग ने विभिन्न जिलों में एक से चार चरणों में मतदान कराने की तैयारी की है। यह मतदाताओं की संख्या, मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता आदि पर निर्भर करेगा। किसी भी जिले में अधिकतम चार चरणों में मतदान होगा। इधर, पंचायत चुनाव पर स्वीकृति के लिए फाइल एक-दो दिनों में राजभवन भेज दी जाएगी। पंचायत चुनाव की अधिसूचना राज्यपाल और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा एक साथ जारी की जाएगी।

प्रत्याशियों के लिए जरूरी सुझाव

  • किसी भी उम्मीदवार या किसी राजनैतिक दल को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे किसी धर्म, संप्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुंचे या उनमें विद्वेष या तनाव पैदा हो।
  • मत प्राप्त करने के लिए धार्मिक, सांप्रदायिक, जातीय या भाषायी भावनाओं का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए।
  • पूजा या उपासना के किसी स्थल जैसे कि मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा आदि का उपयोग निर्वाचन प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
  • किसी प्रत्याशी के व्यक्तिगत जीवन के ऐसे पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी चाहिए जिनका संबंध उसके सार्वजनिक जीवन या क्रियाकलापों से हो। न ही ऐसे आरोप लगाए जाने चाहिए जिनकी सत्यता स्थापित न हुई हो।
  • किसी प्रत्याशी की आलोचना उसकी नीति और कार्यक्रम पूर्व इतिहास एवं कार्य तक ही सीमित रहनी चाहिए। उसका एवं उसके कार्यकर्ताओं की आलोचना असत्यापित आरोपों पर आधारित नहीं की जानी चाहिए।
  • हर व्यक्ति के शांतिपूर्ण घरेलू जीवन के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे उसके विचार कैसे भी क्यों न हों। किसी व्यक्ति के कार्याें या विचारों का विरोध करने के लिए प्रत्याशी द्वारा ऐसे व्यक्ति के घर के सामने धरना, नारेबाजी, प्रदर्शन का तरीका अपनाना गलत होगा।
  • प्रत्याशी को ऐसे सभी कार्यों से परहेज करना चाहिए जो निर्वाचन कानून के अंतर्गत अपराध हो, जैसे कि- ऐसा कोई पोस्टर, पैम्पलेट या परिपत्र निकालना जिसमें मुद्रक और प्रकाशक का नाम और पता नहीं हो। किसी उम्मीदवार के निर्वाचन की संभावना पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के उद्देश्य से, उसके व्यक्तिगत आचरण और चरित्र या उम्मीदवारी के संबंध में ऐसे कथन या समाचार का प्रकाशन कराना जो मिथ्या हो या जिसके सत्य होने का विश्वास नहीं हो। किसी चुनावी सभा में गड़बड़ी करना या विघ्न डालना।
  • निर्वाचन क्षेत्र में मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय से 48 घंटे पूर्व तक की अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति न तो सार्वजनिक सभा बुलाएगा, न ही आयोजित करेगा और न ही उसमें उपस्थित होगा।
  • मतदाताओं को रिश्वत या किसी प्रकार का इनाम देना भी अपराध माना जाएगा।
  • मतदान केंद्र के 100 मीटर के अंदर किसी प्रकार का चुनाव प्रचार करना। क्षमा याचना करना। मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने या ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग करना, मतदान केंद्र में या उसके आसपास विश्रृंखल आचरण करना या मतदान अधिकारियों के कार्य में बाधा डालना या उनसे अभद्र व्यवहार करना दंडनीय माना जाएगा।
  • मतदाताओं का प्रतिरूपण करना अर्थात गलत नाम से मतदान करने या कराने का प्रयास करना भी प्रतिबंधित रहेगा।
  • मतदान के दो दिन पूर्व से लेकर मतदान के दिन तथा उसके अगले दिन सुबह सात बजे तक किसी उम्मीदवार द्वारा न तो शराब खरीदी जाए और न ही उसे किसी को पेश किया जाए। प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा कार्यकर्ताओं को भी ऐसा करने से रोका जाना चाहिए।
  • किसी भी उम्मीदवार द्वारा किसी भी व्यक्ति की भूमि, भवन, अहाते या दीवार का उपयोग झंडा, बैनर आदि लगाने का कार्य भवन मालिक की लिखित अनुमति के बगैर नहीं किया जाना चाहिए। समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं को भी ऐसा नहीं करने देना चाहिए। भवन, अहाते या दीवार पर चुनाव प्रचार हेतु नारे लिखना, चुनाव चिन्ह पेंट करना या पोस्टर चिपकाने का कार्य मकान मालिक की लिखित सहमति लेने बाद भी नहीं किया जा सकेगा। लेकिन यह और कि निजी भवन पर झंडा, बैनर आदि लगाने के निम्मित मकान मालिक की सहमति हेतु कोई भी अभ्यर्थी या उसका अभिकर्ता या उसका समर्थक किसी प्रकार का दवाब नहीं बनाएगा और न ही डराया या धमकाया जाएगा। यदि इस प्रकार की सूचना मिलती है या मामला संज्ञान में आता है, तो निर्वाची पदाधिकारी द्वारा उस अभ्यर्थी के विरुद्ध सम्यक् रूप से तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगीय। कोई भी अभ्यर्थी या उसका समर्थक किसी सार्वजनिक स्थल, भवन, दीवार, खंभे, वृक्ष आदि पर किसी भी प्रकार का झंडा, बैनर, पोस्टर नहीं लगाएगा। चुनाव संबंधी प्रचार-प्रसार, नारे, चिन्ह आदि नहीं लिखेगा। यदि इस प्रकार का कोई मामला प्रकाश में आता है, तो निर्वाची पदाधिकारी द्वारा उस अभ्यर्थी के विरुद्ध विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
  • किसी भी उम्मीदवार द्वारा उसके पक्ष में लगाये गये झंडे या पोस्टर दूसरे उम्मीदवार के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाये जाने चाहिए।
  • मतदाताओं को दी जाने वाली पहचान पर्चियां सादे कागज पर होनी चाहिए और उनमें उम्मीदवार का नाम या चुनाव चिन्ह अंकित नहीं होना चाहिए। पर्ची में मतदाता का नाम, उसके पिता या पति का नाम, वार्ड क्रमांक, मतदान केंद्र क्रमांक तथा मतदाता सूची में उसके क्रमांक के अलावा और कुछ नहीं लिखा होना चाहिए।
  • मतदान शांतिपूर्ण तथा सुचारू रूप से सम्पन्न कराने में निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया जाना चाहिए।
  • मतदान केंद्र/ मतगणना केंद्र पर प्राधिकृत अभिकर्ता को बिना बैज या पहचान पत्र के प्रवेश हेतु अनुमति नहीं दिया जाना चाहिए।
  • चूंकि वर्तमान चुनाव दलगत आधार पर नहीं रहा है, इसलिए किसी भी राजनैतिक दल के नाम पर या उसके झंडे की आड़ में चुनाव प्रचार का कार्य नहीं होना चाहिए और न ही किसी राजनैतिक दल या गैर सरकारी संस्था के किसी व्यक्ति द्वारा किसी अभ्यर्थी के पक्ष में चुनाव प्रचार कार्य करना चाहिए।
  • सरकारी/ अर्द्धसरकारी परिसदनों, विश्रामगृहों, डाक बंगलों या अन्य आवासों का उपयोग चुनाव कार्य के लिए किसी भी उम्मीदवार या उसके समर्थक द्वारा नहीं किया जाएगा।
  • किसी भी सरकारी भवन/सरकारी उपक्रम या आयोग के भवन, दीवार तथा चहारदीवारी पर अभ्यर्थी या उनके समर्थक द्वारा किसी भी तरह का पोस्टर या सूचना नहीं चिपकाया जाएगा। किसी तरह का नारा नहीं लिखा जाएगा और ना ही किसी तरह का बैनर या झंडा लगाया जाएगा या लटकाया जाएगा।

Edited By: M Ekhlaque

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