मेदिनीनगर (पलामू), जासं। Jharkhand News आज से ठीक एक महीने पहले पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से करीब 65 किलोमीटर दूर सुदूरवर्ती पांडू थाना क्षेत्र के मुरुमातू गांव से समुदाय विशेष के लोगों ने महादलित- मुसहर जाति के 10 परिवारों को खदेड़ दिया था। इससे पहले उनके कच्चे घरों और झोपड़ी को ध्वस्त किया गया। उनके साथ मारपीट की गई। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा। उपायुक्त आंजनेयुलू दोड्डे ने पीड़ितों से मिलकर पुनर्वास का भरोसा दिलाया।

इस दौरान उपायुक्त ने पूछा था- आप लोगों के पास आधार कार्ड है। एक बुजुर्ग मुसहर का जवाब था- मालिक, ना आधार है ना भतार(पति) है! यहां का मतलब अनाथ से था। यह जवाब व्यवस्था पर व्यंगात्मक चोट थी। एक महीने बाद भी पीड़ितों को ना आधार कार्ड मिला और ना ही पुनर्वास के लिए जमीन।

अब तक प्रशासन की घोषणा पर अमल नहीं 

पलामू जिला प्रशासन में पीड़ित महादलित परिवार के 54 सदस्यों को न्याय का भरोसा दिलाया। अस्थाई रूप से उनके रहने के लिए पांडू थाना के पुराने भवन में व्यवस्था की। रसद-पानी की व्यवस्था की। हालांकि इसके आगे की व्यवस्था नहीं हो पाई है। आधार कार्ड और राशन कार्ड बनाने, प्रत्येक परिवार के नाम से 2 डिसमिल जमीन आवंटित करने और अंबेडकर आवास योजना के तहत मकान देने की बात थी। एक महीने बीत जाने के बाद भी तमाम घोषणाएं धरातल पर नहीं उतरी हैं। इस मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी गंभीरता से लिया था। आयोग की टीम पांडु का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की थी। जल्द से जल्द पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिया था।

पीड़ित अंचल से लेकर डीसी कार्यालय का लगा रहे चक्कर

पीड़ित परिवार पुनर्वास के लिए अंचल कार्यालय से पलामू जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। बुधवार को पांडू से नंदलाल मुसहर, जितेंद्र मुसहर, राधा देवी, उपेंद्र मुसहर डीसी ऑफिस पहुंचे। हालांकि किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाई। सभी काफी निराश दिख रहे थे। नंदलाल मुसहर ने कहा- घटना के समय न्याय और पुनर्वास का भरोसा मिला था। अब कोई हमारी बातों को नहीं सुन रहा है।

जमीन विवाद का कारण

मुसहर जाति के लोग जिस जमीन पर रह रहे थे विशेष समुदाय के लोगों का कहना था कि मदरसे की है। जबकि मूसहरों का कहना था कि यहां पर बरसों से बसे हुए। विशेष समुदाय के लोगों ने जबरन जमीन खाली कराई। फिलहाल प्रशासन ने जमीन पर धारा 144 लगा दी है।

क्या कहते है अधिकारी...

पांडू अंचल अधिकारी राहुल उरांव का कहना है कि आधार कार्ड और राशन कार्ड प्रक्रियाधीन है। जमीन का पट्टा देने के लिए नउरा गांव में जमीन चिन्हित की गई है। राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस कारण अब तक जमीन आवंटित नहीं की जा सकती है।

Edited By: Sanjay Kumar

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट