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झारखंड में धान खरीद का लक्ष्य घटाकर 40 लाख क्विंटल किया गया, किसानों का बोनस बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में होगा पेश

Published: Mon, 26 Oct 2026 03:58 PM (IST)

झारखंड में धान खरीद का लक्ष्य 50 लाख क्विंटल से घटाकर 40 लाख क्विंटल किया गया है। साथ ही, किसानों ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. धान खरीद लक्ष्य 50 लाख से घटाकर 40 लाख क्विंटल।

  2. किसानों का बोनस 84 से बढ़कर 109 रुपये प्रति क्विंटल।

  3. बोनस वृद्धि प्रस्ताव मंगलवार को कैबिनेट बैठक में होगा पेश।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य एक बार फिर संशोधित करते हुए 40 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। दैनिक जागरण में पूर्व में ही इस बात का उल्लेख किया था कि धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य कम करने की तैयारी की जा रही है।

इसके साथ ही किसानों को प्रति क्विंटल धान के एवज में पूर्व की तुलना में 25 रुपये अधिक बोनस दिया जाएगा। इस प्रकार प्रति क्विंटल धान पर 109 रुपये का बोनस तय किया गया है जो कि पूर्व में 84 रुपये था। विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और सचिव राहुल शर्मा की मौजूदगी में विभाग स्तर पर लिए गए इन तमाम निर्णयों पर मंगलवार को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में मुहर लगेगी।

किसानों के हित में हेमंत सरकार की बड़ी सौगात : अंसारी

मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि इस फैसले के साथ ही राज्य के किसानों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में झारखंड सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है।

इसी कड़ी में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में धान पर मिलने वाले बोनस में बढ़ोतरी की सौगात दी जा रही है। बोनस 84 से बढ़ाकर 109 रुपये प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव है। झारखंड के सभी 24 जिलों में होगी धान की अधिप्राप्ति।

किसानों को एमएसपी पर 109 रुपए का बोनस दिया जाएगा

खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण पहल कर रही है।

इसी कड़ी में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के दौरान धान अधिप्राप्ति पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त मिलने वाले राज्य सरकार के बोनस को 84 से बढ़ाकर 109 रुपये प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए केंद्र सरकार द्वारा सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ‘ए’ धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार सामान्य धान पर कुल 2,550 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ‘ए’ धान पर 2,570 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा।

पिछले वर्ष की तुलना में बोनस को 84 रुपये से बढ़ाकर 109 रुपये प्रति क्विंटल करने की पहल से किसानों को प्रति क्विंटल 25 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकेगा।

बोनस भुगतान के लिए होगी 43.6 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता

40 लाख क्विंटल धान खरीद के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 109 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भुगतान के लिए 43 करोड़ 60 लाख रुपये की संभावित राशि का आकलन किया गया है। इस राशि की स्वीकृति के लिए योजना प्राधिकृत समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।

39.39 लाख क्विंटल की आवश्यकता का आकलन, लक्ष्य 40 लाख क्विंटल

विभागीय आकलन के अनुसार, केंद्र सरकार के एनएफएसए सेंट्रल पूल के लिए 19.60 लाख क्विंटल तथा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लिए 19,79,412 क्विंटल धान की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है। इस प्रकार कुल आवश्यकता 39,39,412 क्विंटल होती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए लक्ष्य को राउंड आफ कर 40 लाख क्विंटल निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार सामान्य धान पर कुल 2,550 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ‘ए’ धान पर 2,570 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को भुगतान किया जाएगा।

विभाग ने राज्य के सभी 24 जिलों के लिए धान खरीद की जिला-वार योजना भी तैयार की है। इसमें बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, रामगढ़, रांची, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं।

झारखंड सरकार किसानों के हितों और उनके आर्थिक सशक्तीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में सरकार ऐसे निर्णय लेने के लिए प्रयासरत है, जिनसे राज्य के गरीबों, किसानों और मेहनतकश लोगों को सीधा लाभ मिल सके।

-डॉ. इरफान अंसारी, मंत्री।

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