अफीम की खेती से सूख रही झारखंड की धरती! एक एकड़ में 10 लाख लीटर पानी की खपत; जंगलों पर भी संकट
झारखंड में अफीम की अवैध खेती वनभूमि को बंजर बना रही है और जलस्रोतों को सुखा रही है, जिससे पर्यावरण ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।
HighLights
2024-25 में 27 हजार एकड़ से अधिक अफीम नष्ट।
GIS तकनीक से अवैध खेती पर प्रभावी रोक।
दिव्यांशु, रांची। झारखंड अफीम की अवैध खेती के लिए तस्करों के पसंदीदा राज्यों में शामिल है। वर्ष 2024-25 में करीब 27 हजार एकड़ भूमि पर तैयार अफीम की फसल नष्ट की गई। 2020 में यह खेती करीब 65 हजार एकड़ तक फैली थी। राज्य के 15 से अधिक जिलों में वन और रैयती भूमि पर अफीम उगाई जा रही है।
खेती के लिए ज्यादातर वनभूमि पर पेड़-पौधे काटकर खेत तैयार किए जाते हैं। जमीन तैयार करने में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल मिट्टी को अगले दस साल तक बंजर बना देता है। इसके चलते हर साल अफीम की खेती के लिए नई भूमि तैयार की जाती है।
हालांकि, बीते दिनों वन विभाग, राज्य पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई से खेती में 40 प्रतिशत से अधिक कमी आई है।
अफीम की फसल को तैयार होने तक लगातार पानी चाहिए। एक एकड़ में करीब 10 लाख लीटर पानी लगता है। इससे खेती वाले इलाकों के जलस्रोत सूख जाते हैं और आसपास की आबादी में भूजल स्तर काफी नीचे चला जाता है।
वन विभाग ने ज्योग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम के जरिए खेत तैयार करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की पहल की है। वनभूमि पर अतिक्रमण की सूचना समर्पित सैटेलाइट से मिलती है। इससे स्थान के निर्देशांक प्राप्त होते हैं और वनकर्मी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हैं। यह तकनीक वनभूमि और रैयती भूमि का वर्गीकरण करने में भी मदद करती है।
वनभूमि पर नष्ट की गई अफीम की फसल
2022-23 — 5,500 एकड़
2023-24 — 4,853 एकड़
2024-25 — 27,000 एकड़
अफीम की खेती वाले प्रमुख जिले चतरा, कोडरमा, लातेहार, खूंटी, चाईबासा, रांची और पूर्वी सिंहभूम हैं। कुछ अन्य जिलों में भी छिटपुट खेती होती है।
झारखंड के जंगलों में तस्कर स्थानीय लोगों की मदद से अफीम की खेती कराते हैं। कई बार लोगों को पता नहीं होता कि यह अपराध है। घने जंगलों में जमीन तैयार कर फसल उगाई जाती है। उन्होंने कहा कि अब ड्रोन और सैटेलाइट जैसी तकनीक उपलब्ध हैं। खेत तैयार होने से पहले ही रोक लगाने से जंगलों की रक्षा में मदद मिल रही है।
-अंजनी मिश्रा, सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी।
