रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी पर आरोप लगाया है कि उनके द्वारा जमीन माफिया को शह दिया जाता है। मरांडी ऐसे लोगों के सरगना हैं। बंधु तिर्की विधानसभा में कांग्रेस उम्मीदवार शिल्पी नेहा तिर्की की जीत के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। बंधु ने कहा कि भाजपा आदिवासियों की हितैषी होने का ढोंग करती है जबकि असलियत यह है कि पार्टी ने हमेशा आदिवासियों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है।

इस दौरान बंधु तिर्की ने भूमि संशोधन बिल की चर्चा की। उन्‍हाेंने कहा कि प्रोन्नति में आरक्षण को लेकर भाजपा नेताओं ने सदन में कभी बात नहीं उठाई और उनके शासन में ही एससी-एसटी कर्मियों को प्रोन्नति में लाभ से वंचित रखा गया। तिर्की ने याद दिलाया कि विधानसभा में उनकी मांग पर ही कमेटी बनी जिसके बाद एससी और एसटी कर्मियों को प्रोन्नति में आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हुआ है।

बंधु तिर्की पर मांडर की जीत का खुमार चढ़ गया है। उन्होंने जो आरोप लगाया है वह बेहद घटिया है। दम है तो ऐसे लोगों की सूची भी सार्वजनिक कीजिए। भाषा की मर्यादा लांघना उचित नहीं। प्रतुलनाथ शाहदेव, प्रवक्ता, भाजपा।

पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के मामले में गवाह मुकरा

एमपी/एलएलए के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अनामिका किस्कू की अदालत में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की से जुड़े एक मामले में अभियोजन गवाह प्रदीप कुमार गवाही के दौरान मुकर गया। जिसे अदालत ने होस्टाइल घोषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में अंतिम गवाह को प्रस्तुत किया गया था। प्रदीप कुमार नोएडा से गवाही देने अदालत पहुंचा था। अब इस मामले में बंधु तिर्की का बयान दर्ज किया जाएगा।

अभियोजन की ओर से 13 जून को ही गवाही बंद करते हुए बयान दर्ज कराने को कहा गया था। लेकिन अभियोजन की ओर से एक अन्य गवाह को प्रस्तुत किया गया। मामले में कुल आठ गवाहों को प्रस्तुत किया गया है। बंधु तिर्की के खिलाफ यह मामला लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र का है। बंधु तिर्की पर शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने, धमकी देने, विधि विरुद्ध जमाव लगाने एवं नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

इस घटना को लेकर वर्ष 2015 में कुडू थाना में नामजद प्राथमिकी कराई गई थी। इस मामले में कुर्की जब्ती के आदेश के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने के बाद अदालत ने फरार घोषित करते हुए 10 मई 2019 को स्थायी वारंट निर्गत किया था। पुलिस ने 15 अक्टूबर 2019 को उक्त मामले में इन्हें गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने जमानत की सुविधा प्रदान की थी।

Edited By: Alok Shahi