रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। Jharkhand News वेतनमान व समायोजन की मांग को लेकर पारा शिक्षकों ने शुक्रवार को न्याय मार्च निकाला। टेट पास पारा शिक्षक संघ के आह्वान पर राज्य भर के सभी जिलों से बड़ी संख्या में पारा शिक्षक पुरानी विधानसभा मैदान में जुटे और वहां से तिरंगा झंडे के साथ जुलूस की शक्ल में डोरंडा स्थित शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के आवास तक पदयात्रा करते हुए पहुंचे। वहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने चुनाव पूर्व अपने घोषणापत्र में सरकार गठन के तीन माह के भीतर पारा शिक्षकों को वेतनमान देते हुए समायोजित करने का वादा किया था लेकिन लगभग तीन साल बाद भी यह घोषणा पूरी नहीं हुई।

राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने भी सरकार को लिखित राय सौंपी थी कि टेट पास पारा शिक्षकों को वेतनमान देते हुए समायोजित किया जा सकता है और इसमें कोई भी विधिक अड़चन नहीं है। राज्य सरकार ने इन तमाम तथ्यों को दरकिनार करते हुए मानदेय में मामूली बढ़ोतरी करते हुए एक दोयम दर्जे की नियमावली गठित कर दी। पारा शिक्षकों ने यह चेतावनी भी दी कि एक सप्ताह के भीतर यदि सरकार वेतनमान और समायोजन के विषय पर आधिकारिक पहल और वार्ता नहीं करती है तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

विशेष मध्यस्थता अभियान के अंतिम दिन सुलझे 12 मामले

सिविल कोर्ट के मध्यस्थता केंद्र में आयोजित पांच दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान का शुक्रवार को समापन हो गया। पांच दिनों में कुल 78 मामलों को सुलझाया जा सका। सुलह के लिए 176 मामला मध्यस्थता केंद्र पहुंचा था। अंतिम दिन 12 मामलों में सुलह हो सका। समापन के दिन गणेश महतो पत्नी सरिता देवी के साथ रहने एवं बच्चों का भरण पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि का खर्च वहन करने पर राजी हुए।

वहीं रिश्तेदार शीला देवी एवं सरोज कुमार गुप्ता के बीच मारपीट के मामले में सुलह हुआ। इस विशेष अभियान में अधिवक्ता मध्यस्थ नीलम शेखर, एलके गिरि, विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव, मनीषा रानी, ममता श्रीवास्तव के साथ मध्यस्थ पीएन सिंह समेत अन्य मध्यस्थों की भूमिका विवाद को सुलह के माध्यम से खत्म करने में सराहनीय भूमिका रही। डालसा सचिव राकेश रंजन ने अभियान को सफल बताया है।

Edited By: Alok Shahi