रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News अवैध खनन से मनी लांड्रिंग मामले में पिछले दिनों दाखिल चार्जशीट में ईडी ने प्रेम प्रकाश का भी कच्चा-चिट्ठा खोला है। ईडी ने चार्जशीट में बताया है कि कोलकाता के ट्रांसपोर्ट कारोबारी संजय चौधरी से करोड़ों रुपये की लेन-देन की, जबकि उक्त राशि का न कोई व्यवसायिक न ही कोई अन्य कारण था। प्रेम प्रकाश अवैध खनन में भी पूरी तरह संलिप्त था और इसमें उसे संजय चौधरी के अलावा कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल व मुख्यमंत्री के बरहेट विधानसभा का विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा का सहयोग मिला। इसके अलावा प्रेम प्रकाश ने कहां-कहां से करोड़ों की अवैध लेन-देन की है, उसे उसने विस्तार से बताया है।

ईडी ने प्रेम प्रकाश के बैंक खातों पर भी व्यापक अनुसंधान किया है। इसी छानबीन में ईडी को जानकारी मिली कि साहिबगंज से पत्थर की ढुलाई करने वाली कंपनी सीटीएस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का निदेशक संजय चौधरी प्रेम प्रकाश का करीबी है। संजय चौधरी ने अवैध खनन के रुपयों को अपनी कंपनी के अलावा अन्य कंपनियों जैसे मल्टीप्लायर इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, अलकनंदा स्पंज आयरन आदि के माध्यम से प्रेम प्रकाश को उपलब्ध कराया।

जब ईडी ने पूर्वोत्तर रेलवे में पत्थर परिवहन पर अनुसंधान किया तो पता चला कि संजय चौधरी की कंपनी ने बिना परिवहन व खनन चालान के करीब 100 करोड़ के अवैध पत्थर का परिवहन करवा दिया। अवैध खनन में प्रेम प्रकाश व पंकज मिश्रा ने मिलकर मोटी रकम की उगाही की। प्रेम प्रकाश को अवैध धंधे में नेताओं से लेकर नौकरशाहों तक का सहयोग मिला।

प्रेम प्रकाश ने मेसर्स हर्बल ग्रीन्स सोल्यूशंस में किया करोड़ों का निवेश

प्रेम प्रकाश ने अवैध खनन के रुपयों को अपनी कंपनियों में खातों में जमा किया। अपनी एक कंपनी मेसर्स हर्बल सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड में उसने करोड़ों रुपये का निवेश किया। इस कंपनी के पंजाब नेशनल बैंक स्थित एक खाते में आठ मार्च 2017 से 31 दिसंबर 2021 के बीच कुल 5.65 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इसके बारे में प्रेम प्रकाश ने ईडी को बताया कि उसने शराब कारोबार आदि के व्यवसाय से जमा किया है। इसके अलावा प्रेम प्रकाश ने अन्य खातों में पांच करोड़ रुपये जमा किया था।

जब ईडी ने कारोबार में लाभ व कमाई से संबंधित दस्तावेज की मांग की तो प्रेम प्रकाश उसे नहीं दिखा पाया। इसके बाद प्रेम प्रकाश ने 26 अगस्त 2020 से आठ जनवरी 2021 के बीच पंजाब नेशनल बैंक के उक्त खाते से कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल की मेसर्स अरोड़ा स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में स्थानांतरित किया। यह इस बात को पुष्ट कर रहा है कि रवि केजरीवाल ने जो ईडी को प्रेम प्रकाश व अमित अग्रवाल की गहरी दोस्ती के बारे में जानकारी दी थी, वह सत्य था।

कोलकाता की एक कंपनी के साथ प्रेम प्रकाश ने की 5.65 करोड़ की लेन-देन

ईडी ने अनुसंधान में पाया कि प्रेम प्रकाश ने कोलकाता के शेक्सपियर सरानी स्थित कंपनी मेसर्स लक्ष्मी ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से करीब 5.65 करोड़ रुपये की लेनदेन की। हालांकि, प्रेम प्रकाश ने इसे व्यवसायिक सहयोगी संजय चौधरी से फ्रेंडली लोन का हवाला दिया था, लेकिन उससे संबंधित कागजात नहीं दिखा पाया था। मेसर्स लक्ष्मी ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में दो निदेशक हैं, जिनमें एक संजीव चौधरी व दूसरा अमृत चौधरी शामिल हैं। अमृत चौधरी संजय चौधरी का बेटा है, जबकि संजीव चौधरी उनका रिश्तेदार।

चार्टर्ड अकाउंटेंट जयशंकर जयपुरियार के यहां मिले 16 खाली पुराने स्टांप पेपर

ईडी ने अपनी चार्जशीट में यह भी जानकारी दी है कि प्रेम प्रकाश के चार्टर्ड अकाउंटेंट जयशंकर जयपुरियार के यहां से 16 ब्लैंक पुरानी तिथियों के स्टांप पेपर जब्त किए गए थे। ये स्टांप पेपर वर्ष 2021 में खरीदे गए थे, जिससे कि अवैध रुपयों को वैध बनाने की कोशिश हो सके। प्रेम प्रकाश के एक कर्मी अनिल झा से भी ईडी ने पूछताछ की थी, जिसने यह जानकारी दी थी प्रेम प्रकाश के दस लाख से पांच करोड़ रुपये तक उसने एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया।

Edited By: Alok Shahi