यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सरयू राय ने हेमंत सोरेन को दिया बड़ा झटका... आपकी सरकार के कई अफसर, अपराधी जैसा काम कर रहे...
Jharkhand News सरयू राय की अगुआई वाली झारखंड विधानसभा की लोक उपक्रम समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के कामकाज ...और पढ़ें

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News झारखंड में बालू की किल्लत ऐसे ही नहीं है। राज्य सरकार ने झारखंड खनिज विकास निगम (जेएसएमडीसी) को 622 बालू घाट संचालित करने की जिम्मेदारी थी। जेएसएमडीसी बमुश्किल 12 घाटों का संचालन कर पा रहा है। बुधवार को झारखंड विधानसभा की लोक उपक्रम समिति ने जब जेएसएमडीसी के अधिकारियों से पूछा कि सारे बालू घाटों को चलाने की स्थिति में आप नहीं थे, तो आखिरकार क्यों आपलोगों ने इन घाटों को संचालित करने की जिम्मेदारी ली। लोक उपक्रम समिति के सभापति सरयू राय के इस सवाल पर निगम के अधिकारी बगलें झांकने लगे। उन्हें जवाब ही नहीं सूझ रहा था। उन्होंने दूसरा सवाल दागा कि बालू घाटों से आखिरकार कितना राजस्व राज्य सरकार को मिल रहा है तो अधिकारियों ने बताया कि सिर्फ 12 घाट संचालित किए जा रहे हैं।
विधानसभा कमेटी ने फटकारते हुए कहा कि इससे राज्य को रायल्टी और लाभांश का घोर नुकसान हो रहा है। जेएसएमडीसी इसपर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराए। जेएसएमडीसी अधिकारी सिकनी कोलियरी के संबंध में पूछे गए सवाल पर भी घिर गए। कमेटी ने संचालन से संबंधित सवाल उठाया तो अधिकारियों ने बताया कि अभी कोलियरी से उत्पादन बंद है। अदालत में इससे संबंधित केस है। कमेटी ने इसपर भी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जेएसएमडीसी के पाताल कोल ब्लाक का मामला भी इस दौरान उठा।
बताया गया कि कोल ब्लाक से खनन के लिए टेंडर निकाला गया। बिड के जरिए प्राइस वाटर हाउस कूपर को बतौर कंसल्टेंट बहाल किया गया। उसे 52 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया, लेकिन उत्पादन नहीं हुआ। कोल ब्लाक से संबंधित राशि भी जब्त हो चुकी है। कमेटी ने इसके औचित्य पर सवाल उठाते हुए पूछा कि एक कंसलटेंट को 52 करोड़ का भुगतान कर दिया गया। कोई उत्पादन भी नहीं हुआ। अधिकारियों से पूछा गया कि आखिरकार ऐसा क्यों हुआ तो वे जवाब देने में असमर्थ थे। कमेटी ने इसपर आपत्ति जताते हुए पूछा कि आखिरकार इससे राज्य को क्या लाभ हो रहा है? अफसरों को चेताया कि आप अपराधी जैसा काम कर रहे हैं, पूरी रिपोर्ट दीजिए।
झारक्राफ्ट कंबल घोटाला में एसीबी तलब
विधानसभा की लोक उपक्रम समिति की बैठक में झारक्राफ्ट कंबल घोटाले का मामला भी उठा। इसपर नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के संदर्भ में अधिकारियों से जवाब मांगा गया। सीएजी के अधिकारियों ने बताया कि कंबल की खरीद कागज पर हुई है। अधिकारियों से बाहर से कंबल मंगाने संबंधी परिवहन के गलत दस्तावेज के संबंध में पूछताछ की गई तो वे स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। कमेटी ने इसकी गहन जांच का आदेश देते हुए पूछा तो बताया गया कि एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से घोटाले की जांच चल रही है। सभापति सरयू राय ने अगली बैठक में एसीबी के अफसरों को जांच की प्रगति रिपोर्ट के साथ तलब किया है।
नहीं आए बेवरेज कारपोरेशन के अधिकारी, नोटिस जारी
राज्य बेवरेज कारपोरेशन के अधिकारियों को भी बैठक में पूरी रिपोर्ट के साथ बुलाया गया था कि नई उत्पाद नीति से क्या लाभ हो रहा है? अधिकारियों ने बैठक से दूरी बनाई। विधानसभा कमेटी ने कारपोरेशन को इस संदर्भ में नोटिस जारी किया है। बैठक में पूर्ववर्ती झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड के बनहरदी कोल ब्लाक के संबंध में बिजली महकमे के अधिकारियों से पूछा गया। कोल ब्लाक में बगैर ड्रिलिंग के 50 करोड़ रुपये के भुगतान का आरोप है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। बैठक में कंपनियों को निर्देश दिया गया कि सीएजी की तमाम आपत्तियों के संबंध में स्पष्टीकरण सौंपे। कंपनियों को कंपनियों की तरह हर हाल में काम करना होगा।
