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सुरक्षा में सेंध लगाने वालों की खैर नहीं; झारखंड की 48 निकायों में चुनाव को लेकर विशेष शाखा का बड़ा अलर्ट

Published: Tue, 03 Feb 2026 11:54 PM (IST)

झारखंड में नगर निकाय चुनावों को लेकर विशेष शाखा सक्रिय हो गई है। खुफिया इनपुट के आधार पर आठ प्रमुख ...और पढ़ें

फाइल फोटो।

फाइल फोटो।

HighLights

  1. आठ नगर निगमों में सुरक्षा भंग होने की आशंका जताई गई।

  2. BNSS के तहत अपराधियों पर होगी सख्त निरोधात्मक कार्रवाई।

  3. लंबित वारंटों का निष्पादन, हथियारों का सत्यापन जारी है।

राज्‍य ब्‍यूरो, रांची। झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनावों को लेकर राज्य की खुफिया एजेंसी विशेष शाखा पूरी तरह सक्रिय हो गई है। खुफिया इनपुट के आधार पर विशेष शाखा ने राज्य के आठ प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों में आदतन अपराधियों और भगोड़ों द्वारा विधि-व्यवस्था बाधित किए जाने की आशंका जताई है।
 
इस गंभीर सूचना के बाद पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग ने संबंधित जिलों के डीसी और एसपी को विशेष सतर्कता बरतने और त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। 

इन 8 नगर निगम क्षेत्रों पर टिकी है नजर 

विशेष शाखा ने विशेष रूप से इन क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है:

1. रांची 2. धनबाद 3. आदित्यपुर 4. मानगो 5. हजारीबाग 6. गिरिडीह 7. चास 8. मेदिनीनगर।

जिला प्रशासन को कड़े निर्देश: BNSS के तहत होगी कार्रवाई 

गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के एसपी-डीसी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव पूर्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 126 और 135 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदम: 

  •     लंबित वारंटों का निष्पादन: जिले में जितने भी वारंट लंबित हैं, उनका त्वरित तामिला कराकर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। 
  •     हथियारों का सत्यापन व जमा: सभी लाइसेंसधारी हथियारों का तत्काल सत्यापन कर उन्हें संबंधित थाना या गन हाउस में जमा कराया जाए।
  •     अपराधियों पर निगरानी: जमानत पर बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों का सत्यापन किया जाए और फरार अपराधियों की सूची को अद्यतन (Update) कर उनकी तलाश तेज की जाए। 
  •     अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान: अवैध हथियार और गोला-बारूद की बरामदगी के लिए सघन तलाशी व जब्ती अभियान चलाया जाए। 

दंगाइयों और उपद्रवियों पर पैनी नजर 

विशेष शाखा की रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व में दंगा या सांप्रदायिक तनाव में शामिल रहे व्यक्तियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। खुफिया विभाग का मानना है कि आदतन अपराधी चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण मतदान की प्रक्रिया में खलल डाल सकते हैं।