रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव विपक्षी महागठबंधन के सारे दल मिलकर लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने प्रत्याशी उतारेगा। सोमवार को झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के मोरहाबादी स्थित आवास पर केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस बाबत फैसला हुआ।
झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि लोकसभा चुनाव कांग्र्रेस के नेतृत्व में लड़ा गया था। पूर्व में ही इस बाबत बात हुई थी कि विधानसभा चुनाव झामुमो के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा बड़े भाई की भूमिका में होगा। साथी दलों के साथ बैठकर जून माह के अंत तक सीट शेयरिंग का फार्मूला तय कर लिया जाएगा। पहले से ही इस बाबत फ्रेमवर्क हो चुका है।
हेमंत ने यह भी कहा कि वे विपक्षी महागठबंधन में वामदलों को भी शामिल किए जाने के पक्षधर हैं। इस मसले पर भी समान विचारधारा वाले दलों संग बातचीत की जाएगी। आगे की रणनीति तैयार करने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा की बैठक 15-16 जून को दुमका में होगी। हेमंत ने फिर दोहराया कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के हिस्से में सिर्फ एक ही सीट आई है। पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन चुनाव हार गए लेकिन इससे संगठन हतोत्साहित नहीं है। पहले भी पार्टी के समक्ष ऐसी नौबत आई है लेकिन संगठन मजबूत होकर उभरा है।
हेमंत बोले, सीएम रघुवर दास प्रवासी, चमड़ी है मोटी
झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने संकेत दिए हैं कि विधानसभा चुनाव में निशाने पर मुख्यमंत्री रघुवर दास होंगे। उन्होंने नारा दिया, प्रवासी मुख्यमंत्री भगाओ, झारखंड बचाओ। हेमंत ने कहा कि रघुवर दास को किसी चीज से फर्क नहीं पड़ता। उनकी चमड़ी मोटी हो चुकी है। राज्य में चारों तरफ हाहाकार मचा है। लोग पानी और बिजली को तरस रहे हैं। ऐसी ही नौबत रही तो पानी के लिए मारकाट होगी। मुख्यमंत्री 24 घंटे बिजली का दावा करते हैं लेकिन 24 मिनट भी बिजली नहीं रहती। झामुमो इनके कार्यकाल का कच्चा चिट्ठा खोलेगी।
बैलेट पेपर से कराएं चुनाव
झामुमो की केंद्रीय कार्यकारिणी ने मांग की है कि चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएं। हेमंत ने सोमवार को भी दोहराया कि बैलेट पेपर से चुनाव हो। कर्नाटक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में ईवीएम के जरिए वोटिंग होने से परिणाम अलग आया लेकिन स्थानीय निकाय के परिणाम एकदम इतर आए। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने षड्यंत्र और फर्जी राष्ट्रवाद को भुनाकर लोगों को भ्रम में रखा।
दावत-ए-इफ्तार में जुटे नेता
सोमवार को शिबू सोरेन के आवास पर कार्यकारिणी की बैठक समाप्त होने के बाद दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इसमें झामुमो के प्रमुख नेताओं के अलावा अन्य दलों के लोगों ने भी शिरकत की।

यह बात सत्य है कि लोकसभा चुनाव में महागठबंधन की हार हुई है। इस हार की समीक्षा सभी दल करेंगे। अभी एक-दूसरे पर दोषारोपण का वक्त नहीं है बल्कि मिलकर आगे काम करना है। कांग्रेस भी चुनाव परिणामों की समीक्षा करेगी जिसके बाद हम किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। -राजेश ठाकुर, मीडिया प्रभारी, कांग्रेस  

गठबंधन में शामिल दलों ने अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाई है। हार के कारणों पर अभी मंथन हो रहा है। विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है। मोर्चा के पदधारियों और कार्यकर्ताओं से आपसी राय मशविरा के बाद ही किसी तरह का निर्णय लिया जाएगा। -बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय अध्यक्ष, झाविमो 

महागठबंधन को सिर्फ झारखंड में ही हार का सामना नहीं करना पड़ा है। पूरे देश में उम्मीदों के विपरीत परिणाम आए हैं। यह विश्लेषण का मसला है। जहां तक विधानसभा चुनाव का सवाल है, शीर्ष नेतृत्व इसकी रणनीति तैयार करेगा। -गौतम सागर राणा, प्रदेश अध्यक्ष, राजद।

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Posted By: Alok Shahi