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झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से; प्रश्नों के समय पर उत्तर दें विभाग, स्पीकर ने दिए निर्देश

Published: Mon, 03 Aug 2026 11:58 PM (IST)

झारखंड विधानसभाध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने मानसून सत्र को लेकर सभी विभागों को सदस्यों के प्रश्नों का समय पर उत्तर देने का निर्देश दिया।

विधानसभाध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो। (फाइल फोटो)

विधानसभाध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. विधानसभाध्यक्ष ने मानसून सत्र के लिए विभागों को सख्त निर्देश दिए।

  2. सदस्यों के प्रश्नों का समय पर उत्तर देने पर जोर दिया गया।

  3. मुख्य सचिव अधिकारियों की जवाबदेही तय करेंगे, कोताही नहीं होगी।

राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभाध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने छह अगस्त से झारखंड विधानसभा के शुरू होनेवाले मानसून सत्र को लेकर सभी विभागों के प्रमुख को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभागों से सभा सचिवालय को सदस्यों के प्रश्नों के अनुरूप उत्तर समय पर मिले।

उन्होंने सोमवार को मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में विभागीय पदाधिकारियों से कहा कि सत्र काफी छोटा है, लेकिन सदस्यों (विधायकों) के अधिक संख्या में प्रश्न प्राप्त हो रहे हैं।

इसलिए मुख्य सचिव अधिकारियों की जवाबदेही तय करें ताकि इसमें किसी तरह की कोई कोताही न हो। उन्होंने कहा कि सत्र में विभागवार वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति पदाधिकारी दीर्घा में की जाए। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर भी उपस्थित थे।

बैठक में मानसून सत्र के औपबंधिक कार्य दिवसों, सदन की कार्यवाहियों एवं विधायी कार्यों के समयबद्ध निष्पादन पर चर्चा हुई। विधानसभाध्यक्ष ने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं तत्परता के साथ मानसून सत्र संबंधित विधायी कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही लंबित आश्वासनों, सदस्यों के शून्यकाल, निवेदन एवं ध्यानाकर्षण से संबंधित प्रश्नों के उत्तर की विभागवार सूची के संबंध में पदाधिकारियों को अवगत कराया और उनके त्वरित निष्पादन का निर्देश दिए।

उन्होंने सत्र के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयकों की प्रतियां समय पर उपलब्ध कराने तथा विभागों के बीच आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने पर भी बल दिए। ताकि सदस्यों को प्रस्तुत होने वाले विधेयकों को पढ़ने तथा उस पर संशोधन लाने का समय मिल पाए।

पेपरलेस विधानसभा की व्यवस्था हो लागू

बैठक में नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन प्रणाली के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों में नोडल पदाधिकारियों की शीघ्र प्रतिनियुक्ति करने के के भी निर्देश दिए गए ताकि पेपरलेस विधान सभा की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

साथ ही सत्र के दौरान चिकित्सकों, एम्बुलेंस, जीवनरक्षक दवाइयों एवं अन्य चिकित्सा सुविधाएं, निर्बाध विद्युत आपूर्ति की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विधानसभा के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार, मंत्रिमंडल सचिवालय की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो आदि उपस्थित थे।