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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड: विधानसभा का मानसून सत्र होगा आज से आरंभ, सदन में पूरी तैयारी के साथ मंत्रियों को आने की CM ने दी सलाह

By Yashodhan SharmaEdited By: Yashodhan Sharma
Published: Fri, 28 Jul 2023 07:00 AM (IST)

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में सत्तापक्ष की रणनीति गुरुवार को देर रात तक बनती रही। गठबंधन के विधायक वहां ...और पढ़ें

विधानसभा का मानसून सत्र होगा आज से आरंभ, सदन में पूरी तैयारी के साथ मंत्रियों को आने की दी सलाह
विधानसभा का मानसून सत्र होगा आज से आरंभ, सदन में पूरी तैयारी के साथ मंत्रियों को आने की दी सलाह

HighLights

  1. 28 जुलाई से चार अगस्त तक चलने वाले सत्र में कुल छह कार्यदिवस होंगे।
  2. झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद के विधायक मौजूद रहे।
  3. मणिपुर हिंसा पर सत्तापक्ष भाजपा की घेराबंदी करेगा। इस बाबत सदन के बाहर प्रदर्शन की भी तैयारी है।

राज्य ब्यूरो, रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में सत्तापक्ष की रणनीति गुरुवार को देर रात तक बनती रही। गठबंधन के विधायक वहां जुटे और आपस में मंत्रणा की।

28 जुलाई से चार अगस्त तक चलने वाले सत्र में कुल छह कार्यदिवस होंगे। मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे पूरी तैयारी के साथ प्रश्नों का उत्तर विधानसभा में दें।

विपक्ष की रणनीति के मुताबिक होगा निर्णय

यह भी तय हुआ कि विपक्ष की रणनीति के मुताबिक तत्काल निर्णय किया जाएगा। विधायकों के सवालों पर जवाब से संतुष्ट करने का भी निर्देश दिया गया है। सत्र के दौरान विधायकों को उपस्थिति बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक मणिपुर हिंसा पर सत्तापक्ष भाजपा की घेराबंदी करेगा। इस बाबत सदन के बाहर प्रदर्शन की भी तैयारी है। बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद के विधायक मौजूद रहे।

विपक्ष से सहयोग मिलने का है भरोसा

संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सभी विभागीय मंत्री को तैयारी के साथ आने को कहा गया है। सत्र के दौरान जनता से जुड़े अधिक से अधिक सवालों का उत्तर होने में विपक्ष का सहयोग मिलेगा, ऐसा उन्हें भरोसा है।

सरकार का भी यही प्रयास होगा कि सदन में अधिक से अधिक जनमुद्दों का समाधान हो। वहीं पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के सहयोगी सकारात्मक रुख रखेंगे तो उनके सवालों पर उन्हें संतुष्ट होने तक जवाब दिया जाएगा।

सत्र को उपयोगी बनाने पर फोकस होगा। चंपई सोरेन ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। भाजपा को पहले मणिपुर हिंसा पर बोलना चाहिए। बन्ना गुप्ता ने कहा कि सरकार ओबीसी आरक्षण विधेयक जैसे कई महत्पूर्ण विधेयकों को दोबारा विधानसभा में लाने का प्रयास कर रही है।

सदन बाधित किया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा

अक्सर अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले जामताड़ा के कांग्रेस विधायक डा. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री आवास में बैठक में शामिल होने के बाद कहा कि भाजपा के विधायकों को सस्ते हथकंडे आजमाने से बाज आना चाहिए।

अगर उन्होंने सदन को बाधित किया तो उनसे बुरा कोई नहीं होगा। भाजपा वाले विधानसभा सत्र में पिकनिक मनाने आते हैं। उनलोगों में जनता को लेकर थोड़ी भी गंभीरता नहीं है।

पूरा राज्य सुखाड़ की मार झेल रहा है, परंतु भाजपा विधायकों को यह सब नहीं दिखता। ये फिर से नए-नए हथकंडे और गेरुआ वस्त्र धारण कर नाटक करने विधानसभा पहुंचेंगे।

चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा कि इस तरह का ढोंग और नौटंकी करना बंद करें और जनता के सवालों को पटल पर आने दे नहीं तो उनसे बुरा कोई नहीं होगा।

31 को पेश होगा पहला अनुपूरक बजट

विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार 31 जुलाई को चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। बजट की कुल कार्यदिवस छह हैं। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पटल पर रखे जाएंगे।

पहला दिन विधायी औपचारिकताओं में गुजरेगा। विधानसभा सत्र नहीं रहने की अवधि में लाए गए अध्यादेश की प्रमाणित कापी विधानसभा के पटल पर रखी जाएगी। इसके बाद शोक प्रकाश होगा। शनिवार और रविवार को विधानसभा की कार्यवाही नहीं होगी।

तीन कांग्रेसी विधायकों का निलंबन हो सकता है वापस

कांग्रेस के निलंबित तीन विधायकों डा. इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोनगाड़ी का निलंबन वापस हो सकता है। तीनों को कोलकाता में नकदी के साथ गिरफ्तारी होने के बाद पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।

उनके खिलाफ सरकार को अस्थिर करने संबंधी आरोपों में रांची में जीरो एफआइआर दर्ज किया गया था, लेकिन कोई आरोप प्रमाणित नहीं हुआ। विधायकों को न्यायालय से राहत मिल गई। जानकारी के मुताबिक निलंबन वापसी पर सहमति बन गई है। जल्द ही इससे संबंधित घोषणा हो सकती है।

दिन में हुई कांग्रेस विधायक दल की अलग बैठक

कांग्रेस विधायक दल की बैठक गुरुवार को विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के आवास पर हुई। बैठक में सभी विधायकों ने भाग लिया। बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस राजेश ठाकुर ने कहा कि पार्टी और सरकार ने पूर्व में खतियान आधारित स्थानीय नीति, 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, मॉब लिंचिंग निवारण विधेयक को सदन से पारित कराकर राजभवन भेजा था, लेकिन इन विधेयकों को लेकर तत्कालीन राज्यपाल के स्तर से कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज करते हुए वापस लौटा दिया गया था।

हमारी मंशा साफ है। मानसून सत्र में सदन के अंदर मणिपुर की हिंसा को लेकर कांग्रेस पार्टी विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता केवल आदिवासी की बात करते हैं।

मणिपुर में भाजपा की सरकार के छत्रछाया में आदिवासियों के ऊपर अत्याचार होता रहा, लेकिन झारखंड के आदिवासी नेता आदिवासियों के हित में एक शब्द भी नहीं बोले।

कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश में भाजपा के नेता के द्वारा एक आदिवासी युवक को प्रताड़ित करने संबंधी वीडियो वायरल हुआ था। आदिवासियों के ऊपर भाजपा के नेता एवं कार्यकर्ता के द्वारा अत्याचार हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।