हंगामे की भेंट चढ़ा झारखंड का मानसून सत्र: JPSC पर सत्ता-विपक्ष में घमासान, शोर-शराबे के बीच बजट संशोधन बिल पास
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में हंगामे के बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर ...और पढ़ें

सदन में दोनों पक्ष आमने-सामने।
HighLights
सदन में दोनों पक्ष आमने-सामने।
विपक्ष की अनुपस्थिति में अनुपूरक बजट पारित किया गया।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का मंगलवार को चौथा दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही दोनों पक्ष आसन के सामने पहुंच गए। झारखंड विधानसभा की द्वितीय पाली में भी जोरदार हंगामा जारी रहा।
झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक 2026 को मिली मंजूरी
सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आसन के सामने पहुंच गए। हंगामे के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, 2026 सदन के पटल पर रखा, जिसे हंगामे के बीच विधानसभा से स्वीकृति मिल गई।
विधायक सीपी सिंह ने आसन के सामने लहराए नोट
झारखंड विधानसभा में JPSC परीक्षा को लेकर हंगामा जारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदन को संबोधित करते हुए अपनी बात रख रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आसन के सामने जोरदार हंगामा कर रहे हैं। इसी दौरान विधायक सीपी सिंह ने आसन के सामने नोट लहराए। सदन में फिलहाल JPSC परीक्षा का मुद्दा छाया हुआ है।
बता दें कि, सोमवार को सदन की कार्यवाही विपक्ष की गैरमौजूदगी में चली। इस दौरान चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया।
सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। JPSC परीक्षा समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन में लगातार हंगामा हुआ।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक कई बार आसन के सामने पहुंचे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में अपनी बात रखी। विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने कहा, भारी मन से सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करनी पड़ रही है।

सोमवार को विपक्ष की अनुपस्थिति पर अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सदन से अनुपस्थित रहने वाले विधायकों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सवाल पूछकर सदन में उपस्थित नहीं रहना संसदीय व्यवस्था की अच्छी परंपरा नहीं है। अध्यक्ष ने विधायकों से सदन की कार्यवाही के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
उसके बाद अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरकार की योजनाओं और राज्य की आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े सदन में रखें। इसी दौरान उन्होंने मंईयां सम्मान योजना का जिक्र किया और कहा कि योजना शुरू होने के बाद राज्य के औसत विकास दर करीब 7.02 प्रतिशत रही है।
विधायकों के लिए जमीन के मुद्दे पर मंत्री नाराज
सोमवार को ध्यानाकर्षण के दौरान विधायकों के लिए आवास निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने का मामला भी उठा। सरकार की ओर से दिए गए जवाब पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर नहीं नाराजगी जताते हुए कहा कि वह खुद सरकार के जवाब से और संतुष्ट नहीं है।
इस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने बताया कि विधायकों के गृह निर्माण के लिए एक साथ एक जगह जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। नगड़ी, नामकुम, रातू और ओरमांझी में अंचल कार्यालय की ओर से जमीन चिन्हित की गई है। इसे गृह निर्माण के लिए बनी सहकारिता समिति को बताया गया है। समिति की अनुमति मिलने के बाद जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
