रांची, राज्य ब्यूरो। Lobin Hembram Vs Hemant Soren झारखंड मुक्ति मोर्चा के विक्षुब्ध विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने रविवार को नया संगठन बनाने की घोषणा की। इसे झारखंड बचाओ मोर्चा का नाम दिया गया है। हालांकि उन्हें इसे गैर-राजनीतिक मंच बताया है, लेकिन इसके जरिए वे उन मुद्दों को हवा देंगे, जिसकी आड़ में वे लगातार कुछ महीनों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आग उगल रहे हैं। हेम्ब्रम ने बताया कि अपने संगठन के जरिए वे खतियान आधारित स्थानीय नीति की लड़ाई तेज करेंगे। इसके अलावा नियोजन नीति और सीएनटी-एसपीटी एक्ट को कड़ाई से लागू करने की मांग उठाएंगे। वे झारखंडी भाषा और संस्कृति के मुद्दे पर जागरूकता फैलाएंगे। रविवार को इसके लिए उन्होंने पुराना विधानसभा भवन में अपने समर्थकों के साथ बैठक की। झारखंड बचाओ मोर्चा का मुख्य संरक्षक लोबिन हेम्ब्रम बनाए गए हैं जबकि प्रेम शाही मुंडा और अजय टोप्पो को प्रवक्ता बनाया गया है। जल्द ही मोर्चा के पदाधिकारी राज्य के सभी प्रमंडल में सम्मेलन का आयोजन करेंगे। 21 अगस्त को चाईबासा से इसकी शुरूआत होगी। सभी जिलों की समितियां भी घोषित की जाएगी।

लोबिन हेम्ब्रम ने घर नहीं लौटने की खाई है कसम

लोबिन हेम्ब्रम ने खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू होने तक अपने घर नहीं लौटने की कसम खाई है। बोरिया के विधायक लोबिन के तेवर हाल के दिनों में कुछ ढ़ीले पड़े थे। वे पार्टी विधायक दल की बैठकों में भी दिख रहे थे। इसके अलावा उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बोलना भी कम कर दिया था। विधानसभा के मानसून सत्र में भी कटे-कटे दिख रहे थे। सदन के भीतर भी उन्होंने पूर्व की तरह सरकार पर निशाना नहीं साधा। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने लोबिन हेम्ब्रम को गंभीरता से लेना छोड़ दिया है। उनके द्वारा नया संगठन बनाने को लेकर कार्रवाई की जा सकती है। उनकी गतिविधियों पर नेताओं की नजर है।

राज्य में शराबबंदी लागू करने की कर चुके हैं मांग

मालूम हो कि लोबिन हेम्ब्रम झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के बेहद करीबी माने जाते हैं। पिछले दिनों शिबू सोरेन और लोबिन हेम्ब्रन ने झारखंड में शराबंदी लागू करने की मांग कर हेमंत सोरेन सरकार को असहज कर दिया था। तब हेमंत सोरेन सरकार नई शराब नीति लागू करने की कवायद में जुटी थी। लोबिन हेम्ब्रम ने तो यहां तक कह दिया था कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जीवनभर आदिवासियों को नशाखोरी से बचाने के लिए संघर्ष करते रहे। ऐसे में नई शराब नीति शर्मनाक और दुखद है। लोबिन हेम्ब्रम झारखंड विधानसभा के सत्र में भी कई बार मुखर होकर हेमंत सोरेन सरकार की आलोचना कर चुके हैं। एकबार विधानसभा सत्र के दौरान वे रोने भी लगे थे। तब देश भी की मीडिया में सुर्खियां बन गए थे।

Edited By: M Ekhlaque