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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand News: सिमडेगा, रांची और लातेहार सबसे टॉप... दुमका, चतरा, रामगढ़ फिसड्डी; देखें आकांक्षी जिला LIST

By Ashish JhaEdited By: Alok Shahi
Published: Fri, 28 Oct 2022 04:18 AM (GMT+05:30)Updated: Fri, 28 Oct 2022 04:19 AM (GMT+05:30)

Jharkhand News झारखंड के 24 में से 19 जिले आकांक्षी जिलों में शामिल हैं। इन जिलों के लिए अलग से ...और पढ़ें

Jharkhand News: नीति आयोग के मुताबिक झारखंड के आकांक्षी जिलों में सिमडेगा, रांची और लातेहार सबसे टॉप पर हैं।
Jharkhand News: नीति आयोग के मुताबिक झारखंड के आकांक्षी जिलों में सिमडेगा, रांची और लातेहार सबसे टॉप पर हैं।

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News झारखंड के 24 जिलों में से 19 जिले आकांक्षी जिलों में शामिल हैं और यहा विभिन्न मानकों पर औसत स्थिति खराब रही है। इसके बाद आकांक्षी जिलों के लिए अलग से योजना शुरू होने के बाद सबसे बेहतर प्रदर्शन करनेवाले जिलों में सिमडेगा, रांची और लातेहार शामिल हैं जबकि दुमका, चतरा और रामगढ़ फिसड्डी जिलों की सूची में शामिल हो गया है। योजना की शुरुआत के बाद से वर्तमान समय तक सिमडेगा ने 43 प्रतिशत का ग्रोथ दर्ज किया है जबकि रांची 40 प्रतिशत और लातेहार 32.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ तीसरे स्थान पर रहा है।

विभिन्न मानकों पर जिलों के ओवरआल प्रदर्शन को देखें तो सिमडेगा ने ओवरआल 43 प्रतिशत विकास का आंकड़ा दर्ज कर लिया है। 40.4 प्रतिशत इंप्रूवमेंट के साथ रांची दूसरे नंबर पर है और 32.3 प्रतिशत के साथ लातेहार तीसरे नंबर पर। दुमका, चतरा और रामगढ़ का प्रदर्शन लचर रहा है। बुधवार को नीति आयोग के अधिकारियों और राज्‍य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के क्रम में ये आंकड़े सामने आए।

राज्य के तमाम जिलों का आकलन पूर्व के आंकड़ों के संदर्भ में दर्ज परिवर्तन के आधार पर किया गया है। स्वास्थ्य एवं पोषण के अलावा शिक्षा, कृषि, पेयजलापूर्ति, सिंचाई और आधारभूत संरचना में विकास के आधार पर आंकड़ें तैयार किए गए हैं। महत्वपूर्ण इंडिकेटर्स में शामिल स्वास्थ्य व पोषाहार के मानकों पर रांची का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। रांची ने इस मामले में 52 प्रतिशत से आगे बढ़कर 98 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है जो अपनेआप में एक रिकार्ड है।

स्वास्थ्य एवं पोषाहार के क्षेत्र में रांची का प्रदर्शन अन्य तमाम जिलों से बेहतर रहा है। रांची का आंकड़ा पिछली बार के आंकड़े (52 प्रतिशित) से बढ़कर 98 प्रतिशत हो गया है। आंकड़े में सिमडेगा भी 43 प्रितशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गया है। स्वास्थ्य एवं पोषाहार के मोर्चे पर लोहरदगा का तीहरा स्थान है और इस जिले को आंकड़ा पिछली बार की तुलना में 43 प्रतिशत बढ़कर 94 प्रतिशत तक पहुंचा है।

इंस्टीच्यूशनल डिलेवरी के मानकों पर पलामू का आंकड़ा 92 प्रतिशत से बढ़कर 99 प्रतिशत तक पहुंचा है और राज्य में इस जिले को पहला स्थान मिला है। शिक्ष्ज्ञा के क्षेत्र में सिमडेगा के आंकड़े सबसे बेहतर हैं। पिछली बार के आंकड़े 84 प्रतिशत से बढ़कर इस बार जिले ने 95 प्रतिशत का रिकार्ड छू लिया है। दूसरी ओर कृष एवं जल संसाधन के क्षेत्र में गोड्डा का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है। आधारभूत संरचना के क्षेत्र में गुमला नंबर वन साबित हुआ है।

योजना की शुरुआत के बाद से अब तक जिलों की उपलब्धि

  1. सिमडेगा : 43 प्रतिशत
  2. रांची : 40.4
  3. लातेहार : 32.3
  4. साहिबगंज : 31.8
  5. पलामू . 31.6
  6. गोड्डा : 28.7
  7. लोहरदगा : 27.2
  8. गिरिडीह : 27.2
  9. खूंटी : 26.4
  10. गढ़वा : 26.1
  11. गुमला : 24.7
  12. पाकुड़ : 23.5
  13. प. सिंहभूम : 23.3
  14. पू. सिंहभूम : 23.2
  15. हजारीबाद : 22.9
  16. बोकरो : 20.4
  17. दुमका : 20.2
  18. चतरा : 19.2
  19. रामगढ़ : 17.5