रांची, राज्य ब्यूरो। 10 Percent Upper Caste Reservation गरीब सवर्णों यथा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को आरक्षण मिलने में झारखंड में देरी हो सकती है। ताजा मामला झारखंड लोक सेवा आयोग, जेपीएससी से जुड़ा है, जिसने राज्‍य सरकार से पूछा है कि इस वर्ग के लिए परीक्षा में पासिंग मार्क्‍स कितना होना चाहिए। सरकार को अगर इन्‍हें आरक्षण देना है, तो यह भी तय करना होगा।

केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण की घोषणा की और इसके साथ ही राज्य सरकार ने भी इसे अमल में लाने का निर्णय ले लिया, लेकिन इसको लेकर अभी कई बातें स्पष्ट नहीं हो पा रही हैं। राज्य में आरक्षण की घोषणा के साथ ही सभी परीक्षाएं रोक दी गई थीं और फिर कुछ दिनों बाद चुनाव हो गए। अब एक बार फिर विभिन्न पदों के लिए परीक्षाओं का आयोजन होना है।

इन परीक्षाओं को देखते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने सरकार के कार्मिक विभाग से पूछा है कि इस वर्ग के लिए पासिंग मार्क्‍स कितना होना चाहिए। अगर आरक्षण देना है तो सरकार को यह भी तय करना ही होगा। अभी आरक्षित श्रेणी और अन्य वर्गों के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्‍स तय हैं, जिसके आधार पर लोगों का चयन हो रहा है।

राज्य में सामान्य वर्ग के लिए पासिंग माक्र्स 40 फीसद अंक है, तो अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 32 से 34.5 फीसद अंक तक तय किया जा चुका है। अगर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण का प्रावधान किया जाता है, तो इसके लिए भी न्यूनतम पासिंग माक्र्स तय करना होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही कार्मिक विभाग इस संदर्भ में जेपीएससी को अपना मंतव्य भेज देगा। इसके बगैर आगे की परीक्षाओं पर संशय बना रहेगा।

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