रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में डोरंडा में बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस मामले में अब तक जांच पूरी नहीं होने पर अदालत ने नाराजगी जताई। कहा कि सात साल में जांच पूरी नहीं होना इस बात का प्रतीक है कि पुलिस जांच कैसे कर रही है। अब तक एक भी आरोपित का पकड़ा नहीं जाना जांच की गंभीरता पर सवाल खड़ा कर रहा है। अदालत ने सरकार को इस मामले की अद्यतन जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी।

अदालत ने सरकार को वैसे मामलों की सूची भी अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें प्राथमिकी तो दर्ज की गई है, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। वैसे मामलों की भी कोर्ट ने जानकारी मांगी, जिनमें अदालत के आदेश के बाद प्राथमिकी तो दर्ज कर ली गई है, लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी है।

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि इस मामले में जांच चल रही है। एक माह में जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। कहा गया कि एक आरोपित का पॉलीग्राफी टेस्ट गुजरात भेजा गया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर इतने दिनों से पुलिस ने क्या कार्रवाई की। यह मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला है। ऐसे मामलों को सहजता से नहीं लेना चाहिए। बता दें कि वर्ष 2013 में बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या के बाद हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। 

Posted By: Alok Shahi

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