रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। झारखंड हाई कोर्ट की जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले के आरोपित आरके आनंद की याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने अंतरिम राहत को बरकरार रखा। मामले में अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। आरके आनंद ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले को निरस्त करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के मामले में  सरकार से मांगा जवाब

झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में बिहार के महाराजगंज सीट से पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह की क्वैसिंग (निरस्त) याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। सुनवाई के दौरान प्रभुनाथ सिंह के अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने कहा कि हजारीबाग में जेल में हुई छापेमारी के दौरान प्रभुनाथ सिंह के पास से पैसे मिले थे।

उन्होंने माना कि बरामद पैसे उन्हीं के हैं, लेकिन पैसे बरामद होना तो अपराध नहीं है। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामले को निरस्त किया जाए। इस पर अदालत ने सरकार से जवाब मांगा है। बता दें कि छह दिसंबर 2017 की रात को जिला प्रशासन ने हजारीबाग जेल में छापेमारी की थी। इस दौरान प्रभुनाथ सिंह के पास से सत्तर हजार रुपये बरामद हुए थे।

राजा पीटर की याचिका पर दूसरी बेंच में होगी सुनवाई

राज्य के पूर्व मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर के मामले में आंशिक सुनवाई हुई। जस्टिस एके गुप्ता व जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने इस मामले को दूसरी सक्षम बेंच में भेजने का निर्देश दिया। राजा पीटर की ओर से हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है। दरअसल पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड मामले में राजा पीटर को आरोपित बनाया गया है। इस मामले की जांच एनआइए कर रही है। आरोप है कि राजा पीटर ने माओवादियों से मिलकर रमेश सिंह मुंडा की हत्या की साजिश रची थी।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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