रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। झारखंड हाई कोर्ट ने झारक्राफ्ट में संविदा पर नियुक्त किए गए कर्मियों को 8 सप्‍ताह के अंदर वेतन देने का आदेश दिया है। संविदा कर्मियों के बकाया भुगतान को लेकर दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। जस्टिस एसके द्विवेदी ने वादियों को झारक्राफ्ट एमडी के यहां आवेदन देने का आदेश दिया। कोर्ट ने एमडी से कहा कि उनके आवेदन पर विचार करके बकाया भुगतान की राशि 8 सप्ताह में दें। वादी मास्टर सागर सहित अन्य लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने कहा कि वर्ष 2016 -17 में इनकी नियुक्ति की गई थी लेकिन अभी तक इन्हें वेतन का भुगतान नहीं मिला है।

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज व मास्टर आकाश की ओर से अदालत को बताया गया कि वर्ष 2016-17 में झारक्राफ्ट ने विज्ञापन जारी कर क्लस्टर डवलपमेंट एग्जिक्यूटिव व डिजाइनर कम मार्केटिंग एग्जिक्यूटिव की नियुक्ति की। विज्ञापन के अनुसार क्लस्टर डवलपमेंट एग्जिक्यूटिव को 25 हजार रुपये प्रतिमाह और मार्केटिंग एग्जिक्यूटिव को 24 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाना था, लेकिन झारक्राफ्ट की ओर से इन कर्मियों को मात्र कुछ महीने का वेतन दिया गया है।

उसके बाद से उनके वेतन की राशि लंबित है। फिलहाल झारक्राफ्ट ने इनकी संविदा को भी समाप्त कर दिया है। लॉकडाउन में भी उनका भुगतान नहीं किया, जिससे इनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई कर्मी लोन लेकर किसी तरह से अपना घर चला रहे हैैं। झारक्राफ्ट पर एक कर्मी का लगभग पांच लाख रुपये तक का भुगतान लंबित है।

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Posted By: Sujeet Kumar Suman

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