रांची, राज्य ब्यूरो। बिना तिथि निर्धारित हुए एक मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने पर हाई कोर्ट ने जांच का आदेश दिया है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (विजिलेंस) को इसकी जांच का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट किसी भी मामले की सुनवाई करने के बाद अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित करती है। इस मामले में कोर्ट ने कोई तिथि निर्धारित नहीं की थी, लेकिन गुरुवार को इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था।

यह मामला बिहार के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह से जुड़ा है। एक हत्याकांड में सजा मिलने के बाद हजारीबाग जेल में बंद प्रभुनाथ सिंह और उनके भाई दीनानाथ सिंह के पास पुलिस ने पैसे और मोबाइल बरामद किए थे। इसके बाद दोनों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

प्रभुनाथ सिंह ने निचली अदालत में अपने ऊपर लगे आरोप को निरस्त करने के लिए आवेदन दिया, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, मामला सूचीबद्ध किए जाने पर जांच का आदेश भी दिया।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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