रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand High Court झारखंड हाई कोर्ट में अब जनहित से जुड़े टेंडर मैटर की सुनवाई सिर्फ खंडपीठ में होगी। यानी अब दो जजों की बेंच ही इस तरह के मामले को सूचीबद्ध किया जाएगा। इसको लेकर झारखंड हाई कोर्ट की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया है। हाई कोर्ट की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में मेसर्स एनजी प्रोजेक्ट बनाम मेसर्स विनोद जैन व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए जनहित से जुड़े टेंडर मामलों की सुनवाई को लेकर एक गाइडलाइन निर्धारित की है।

इसी के तहत अब झारखंड हाई कोर्ट में जनहित से जुड़े टेंडर मैटर की सुनवाई एकल पीठ की बजाय खंडपीठ में की जाएगी। इसलिए हाई कोर्ट में जितने भी टेंडर मैटर एकल पीठ में सुनवाई के लिए लंबित है। उन्हें अब खंडपीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने उक्त मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि कई टेंडर मैटर को कोर्ट में चुनौती दी जाती है। इस दौरान टेंडर प्रक्रिया बाधित हो जाती है। कोर्ट इस क्षेत्र का विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में याचिका लंबित रहने से जनहित की योजनाओं में देरी होती है। साथ ही उक्त योजना का बजट भी बढ़ जाता है। इससे सिर्फ ठेकेदार को ही फायदा होता है। इसलिए अदालतों को इस मामले में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए।

Edited By: Sanjay Kumar