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झारखंड शिक्षक नियुक्ति मामले में प्रभावित अभ्यर्थियों को प्रतिवादी बनाने का निर्देश

Published: Mon, 16 Mar 2026 07:54 PM (IST)

झारखंड हाई कोर्ट ने शिक्षक नियुक्ति मामले में एमबीए और बीबीए डिग्रीधारियों को साइंस ग्रेजुएट मानने के एकलपीठ के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की।

झारखंड शिक्षक नियुक्ति मामले में प्रभावित अभ्यर्थियों को प्रतिवादी बनाने का निर्देश

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राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस एके राय की अदालत में एमबीए और बीबीए डिग्रीधारियों को साइंस ग्रेजुएट मानते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने के एकलपीठ के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने निर्देश दिया कि इस मामले से प्रभावित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को एक साथ प्रतिवादी बनाया जाए।

कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि ऐसे अभ्यर्थियों को सूचित करने के लिए समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित किया जाए या फिर उन्हें सीधे नोटिस भेजा जाए, ताकि वे अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकें।

हाई स्कूल संयुक्त प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक नियुक्ति-2021 में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने केवल साइंस, आर्ट्स और कामर्स ग्रेजुएट अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया था।

बीबीए और एमबीए डिग्रीधारियों को इन श्रेणियों में शामिल नहीं मानते हुए उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था। इस निर्णय के खिलाफ वंचित अभ्यर्थियों ने झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

मामले की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने बीबीए और एमबीए डिग्रीधारियों को साइंस ग्रेजुएट मानते हुए उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में विचार करने का निर्देश राज्य सरकार और आयोग को दिया था।

अदालत के आदेश के मद्देनजर संबंधित उम्मीदवारों पर विधिवत विचार किया गया। राज्य सरकार ने एकलपीठ के इस आदेश को चुनौती देते हुए अपील दाखिल किया है। सरकार का कहना है कि एकलपीठ के अंतिम आदेश से पहले से जारी चयन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।