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NH चौड़ीकरण के लिए अब मिलेगा ₹99300 प्रति डिसमिल मुआवजा, झारखंड हाई कोर्ट का फैसला

Published: Mon, 21 Sep 2026 10:51 PM (IST)

झारखंड हाई कोर्ट ने रामगढ़ के गांडे गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में बढ़ोतरी का निर्देश दिया है।

झारखंड हाई कोर्ट।

झारखंड हाई कोर्ट।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण मुआवजे में बढ़ोतरी का निर्देश दिया।

  2. मुआवजा 11 हजार से बढ़कर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल हुआ।

  3. रामगढ़ के गांडे गांव में जमीन अधिग्रहण का मामला था।

राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के जस्टिस अनुभा रावत रामगढ़ के गांडे गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे का राशि बढ़ाने का निर्देश दिया है।

अदालत ने जमीन मालिकों को मिलने वाले मुआवजे को 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल करने का निर्देश दिया है।

मामला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-23 के ललकी घाटी-मरांग मरचा मार्ग के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया एक जुलाई 2019 को जारी अधिसूचना के माध्यम से शुरू हुई थी।

यह अधिग्रहण भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 के तहत किया गया था।

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने कृषि भूमि की सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा 3,740 रुपये प्रति डिसमिल तय किया था। जमीन मालिकों ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि क्षेत्र में जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य करीब 1.50 लाख रुपये प्रति डिसमिल है।

इसके बाद मामला हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्राधिकरण के समक्ष पहुंचा।

प्राधिकरण ने 24 फरवरी 2025 को मुआवजे को बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रति डिसमिल कर दिया था। हालांकि, जमीन मालिक इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने हाई कोर्ट में अपील दायर कर मुआवजा बाजार मूल्य के अनुरूप बढ़ाने की मांग की।

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