रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत में 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले के आरोपित पूर्व मंत्री बंधु तिर्की की अग्रिम जमानत पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने एसीबी से केस डायरी मांगी है। इस मामले में निचली अदालत ने बंधु तिर्की की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद इन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। दरअसल राष्ट्रीय खेल घोटाले की जांच एसीबी कर रही है। बंधु तिर्की ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि इस मामले में एसीबी को उनके खिलाफ किसी प्रकार का साक्ष्य नहीं मिला है, इस कारण उन्हें अग्रिम जमानत मिलनी चाहिए। इस पर अदालत ने एसीबी से केस डायरी अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है।
बंधु तिर्की पर यह है आरोप
पूर्व खेल मंत्री बंधु तिर्की पर आरोप है कि उन्होंने धनबाद में दो स्क्वैश कोर्ट के निर्माण में वित्तीय अनियमितता की। स्क्वैश कोर्ट के निर्माण की जिम्मेदारी मुंबई की एक कंपनी जाइरेक्स इंटरप्राइजेज को दी गई थी। कंपनी ने 1,44,32,850 रुपये का एस्टीमेट दिया था। इस प्रस्ताव पर आयोजन समिति के महासचिव एसएम हाशमी और तत्कालीन खेल निदेशक तथा सचिव की अनुशंसा के बाद फाइल तत्कालीन विभागीय मंत्री (खेल मंत्री) बंधु तिर्की के पास भेजी गई थी। बंधु तिर्की ने नीतिगत निर्णय लेते हुए 20 अक्टूबर 2008 को इसे अनुमोदित कर दिया था। इसमें कंपनी को अग्रिम 50 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन बाद में बिना स्वीकृति के भुगतान के कारण वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई थी।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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