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झारखंड में 647 स्वास्थ्य केंद्रों को मिलेगा भवन, कई हेल्थ सेंटर होंगे अपग्रेड; केंद्र ने जारी किए ₹516 करोड़

Published: Mon, 09 Mar 2026 10:47 AM (GMT+05:30)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड की स्वास्थ्य योजनाओं में बदलाव को मंजूरी दी है। 516.70 ...और पढ़ें

झारखंड के कई हेल्थ सेंटर होंगे अपग्रेड। फोटो एआई जनरेटेड

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राज्य ब्यूरो, रांची। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत स्वास्थ्य योजनाओं में बदलाव की मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत पूर्व में स्वीकृत योजनाओं के कंपोनेट में बदलाव किया गया है।

इसके तहत केंद्र ने 516.70 करोड़ रुपये की संशाेधित योजना पर स्वीकृति प्रदान कर दी है। केंद्र के अनुमोदन के बाद राज्य सरकार ने भी इसे लेकर जिलावार संशोधित योजना की स्वीकृति दे दी।

संशोधित योजना के तहत भवनरहित 634 स्वास्थ्य उपकेंद्रों तथा 13 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन का निर्माण होगा। इसपर 113.22 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, कई ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।

केंद्र ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर कई ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट तथा स्वास्थ्य केंद्रों में डायग्नोस्टिक सेवाओं के विस्तार की योजना की स्वीकृति भी प्रदान की है। साथ ही शहरी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में अपग्रेड करने की योजना की स्वीकृति मिली है।

तय समय में पूरा होगा काम 

दरअसल, मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति ने 15वें वित्त आयोग के तहत पूर्व में केंद्र से स्वीकृत योजनाओं के कंपोनेंट में बदलाव की अनुशंसा की थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्वीकृति के बाद इसपर केंद्र से अनुमोदन प्राप्त किया गया।

पिछले माह 26 तारीख को केंद्र ने इसपर इस शर्त के साथ अपनी स्वीकृति प्रदान की कि राज्य सरकार निर्धारित अवधि में इन योजनाओं को पूरा करेगी। साथ ही नियमित रूप से योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट के साथ-साथ केंद्र को उपयोगिता प्रमाणपत्र भी सौंपेगी।

इधर, राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकृति राशि की निकासी के साथ-साथ योजनाओं की प्रगति को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।

इसमें निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा विभिन्न जिलों के सिविल सर्जनों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। डायग्नोस्टिक सेवाओं के विस्तार के तहत उन उपकरणों की भी सूची तय कर दी गई है, जिनका क्रय किया जाना है। 

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