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झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र में बंपर भर्तियां, 1200 डॉक्टरों और 7500 एएनएम की होगी नियुक्ति

Published: Tue, 24 Mar 2026 08:05 PM (IST)

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने झारखंड में 1200 डॉक्टरों और 7500 एएनएम/जीएनएम की शीघ्र नियुक्ति की घोषणा की। उन्होंने 1200 ...और पढ़ें

हेल्थ मिनिस्टर इरफान अंसारी ने विश्व यक्ष्मा दिवस पर की घोषणा।

हेल्थ मिनिस्टर इरफान अंसारी ने विश्व यक्ष्मा दिवस पर की घोषणा।

HighLights

  1. अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई, एआई तकनीक का विस्तार।

  2. 2030 तक राज्य से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित।

राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य में सभी रिक्त पदों को भरने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस कड़ी में जेपीएससी से 1,200 चिकित्सकों एवं जेएसएससी से 7,500 एएनएम व जीएनएम की शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने राज्य में बनकर तैयार 1,200 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों में भी लगभग 10 हजार पदों पर बहाली की बात कही।

मंत्री ने विश्व यक्ष्मा दिवस पर मंगलवार को नामकोम स्थित आइपीएच सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2030 तक राज्य में टीबी (यक्ष्मा) उन्मूलन की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कहा, हमारा लक्ष्य सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर 100 दिवसीय टीबी जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई।

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करनेवाले टीबी चैंपियंस एवं सहिया के साथ-साथ संस्थाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने टीबी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मंत्री ने टेंडर से चयनित 76 चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र भी सौंपा।नियुक्ति पत्र पानेवाले चिकित्सकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज की सेवा का संकल्प है।

मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों में सीटी स्कैन एवं एमआरआइ जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे मरीजों को अन्य राज्यों में रेफर करने की आवश्यकता कम होगी।

उन्होंने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में चलाया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए एआइ एवं रोबोटिक तकनीक को भी अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मंत्री ने जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र ही टोल फ्री ब्लड सपोर्ट सिस्टम शुरू शुरू करने की बात कही।

इस वर्ष 12 लाख लोगों की होगी टीबी की जांच

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर जांच, जागरूकता एवं उपचार कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

वर्ष 2025 में चलाए गए 100 दिवसीय अभियान के दौरान लगभग 9.5 लाख लोगों की जांच की गई, जो 2024 की तुलना में दोगुनी है।

इस वर्ष 12 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में अभियान निदेशक ने कहा कि 24 मार्च 1882 को टीबी के जीवाणु की खोज हुई थी, जिसके कारण इस दिन को विश्व टीबी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि आगामी 100 दिनों में राज्य के सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं स्वास्थ्य उपकेंद्रों में टीबी की स्क्रीनिंग, जांच, जागरूकता एवं उपचार कार्यों को तेज किया जाएगा।

साथ ही, टीबी मरीजों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लंबित भुगतान का भी निपटारा किया जाएगा।

चार पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत का मिला पुरस्कार

इस अवसर पर रांची जिला के अनगड़ा, एवं बरगामा तथा जामताड़ा जिला के मंतलाल एवं ताराबहाल को टीबी मुक्त पंचायत का पुरस्कार दिया गया।

साथ ही सिमडेगा जिला से निक्षय मित्र भरत प्रसाद, लायंस क्लब गढ़वा, अडानी फाउंडेशन गोड्डा, हिंडालको, लोहरदगा को निक्षय मित्र के रूप में सम्मानित किया गया।

सहिया ममता कुमारी (चूड़ी पूर्वी खलारी) एवं निर्मला देवी (कोलमां लोवाहातु सोनाहातु ) को टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

रांची जिला के टीबी चैंपियन संध्या कुमारी एवं राजकुमार महतो को भी टीबी मुक्त भारत अभियान में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया।