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    Jharkhand Health: थैलेसीमिया, सिकल सेल और एनीमिया की होगी जांच, पहचान कर इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार

    By Neeraj Ambastha Edited By: Kanchan Singh
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 07:16 PM (IST)

    झारखंड में थैलेसीमिया, सिकल सेल और एनीमिया की जांच के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड को इन बीमारियों से मुक्त किया जाए। इसके लिए सभी जिलों में जांच की जाएगी और रोगियों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। ब्लड बैंकों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है।

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    झारखंड में थैलेसीमिया, सिकल सेल और एनीमिया की जांच के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा।

    राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में थैलेसीमिया, सिकल सेल व एनीमिया की जांच के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इसे लेकर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    मंत्री के अनुसार, देश के अधिसंख्य राज्यों में थैलेसीमिया, सिकल सेल और एनीमिया की व्यापक जांच पूरी हो चुकी है तथा उनके पास अपना सटीक स्वास्थ्य डेटा उपलब्ध है। लेकिन झारखंड में अब तक इन गंभीर बीमारियों पर ठोस आंकड़ों का अभाव रहा है, जो राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड को थैलेसीमिया और सिकल सेल मुक्त बनाना सरकार का लक्ष्य है। इसी दिशा में राज्य के सभी जिलों में प्रत्येक व्यक्ति की जांच करने का निर्णय लिया गया है, जिससे वास्तविक डेटा तैयार हो सके और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

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    सभी ब्लड बैंकों को हाई-टेक उपकरणों से किया जा रहा लैस

    सटीक आंकड़ा नहीं होने के कारण बच्चों को लगातार प्राइवेट अस्पतालों और सरकारी ब्लड बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस स्थिति में सुधार लाने के लिए जिला स्तरीय सभी ब्लड बैंकों को हाई-टेक उपकरणों से लैस किया जा रहा है।

    इसके तहत ब्लड बैंकों में उन्नत जांच मशीन, एचआइवी जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं तथा आधुनिक ब्लड-सेफ्टी टेक्नोलाजी का उन्नयन किया जा रहा है। इन सभी सुविधाओं को शीघ्र ही राज्य के प्रत्येक ब्लड बैंक में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि चाईबासा जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

    इसके साथ ही रांची सदर अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। मंत्री ने कहा कि थैलेसीमिया और सिकल सेल रोगियों के संपूर्ण उपचार का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

    उन्होंने स्वच्छ झारखंड–विकसित झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने में निजी अस्पतालों से भी सहयोग का आग्रह किया है। उनके अनुसार, सरकार देश के विभिन्न राज्यों से अनुभवी चिकित्सकों को झारखंड से जोड़ने के लिए विशेष पहल करेगी। इसके लिए आवश्यक बजट भी राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।