जेलों में नियुक्ति मामले में गृह सचिव और JSSC के सचिव को अवमानना नोटिस, बोकारो मिसिंग मामले में भी झारखंड HC सख्त
झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य की जेलों में रिक्त पदों पर नियुक्ति में देरी और बोकारो से लापता युवक के ...और पढ़ें

अदालत ने पूछा- क्यों नहीं चले आपके खिलाफ अवमानना का मामला।
HighLights
जेलों में रिक्त पदों पर नियुक्ति में देरी पर कोर्ट नाराज।
गृह सचिव, जेएसएससी सचिव को शोकाज नोटिस जारी किया गया।
बोकारो लापता युवक मामले में पुलिस जांच से कोर्ट असंतुष्ट।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने जेलों में रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आदेश का अनुपालन नहीं होने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए गृह सचिव वंदना डाडेल और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता को अवमानना नोटिस जारी किया है।
अदालत ने दोनों अधिकारियों से पूछा है कि क्यों नहीं आपके खिलाफ अवमानना का मामला शुरू किया जाए। खंडपीठ ने कहा कि 25 जून 2026 के आदेश में साफ चेतावनी दी गई थी कि एक अक्टूबर तक अदालत के आदेश का पालन नहीं हुआ तो कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
इसके बाद दोनों अधिकारियों ने अदालत के आदेशों और दिए गए आश्वासनों की अवहेलना की। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया इसे जानबूझकर किया गया उल्लंघन माना है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार और जेएसएससी बार-बार समय विस्तार की अर्जियां देकर मामले को टाल रहे हैं।
कभी जेएसएससी के अधिकारी राज्य सरकार पर दोष मढ़ते हैं, तो कभी राज्य सरकार जेएसएससी पर। इस बीच दोनों मिलकर अदालत के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि गृह सचिव और जेएसएससी सचिव उच्च पदस्थ अधिकारी हैं।
उनकी जिम्मेदारी समस्याओं का समाधान निकालना है, न कि हर बार अदालत के सामने कठिनाइयां रखकर अनुपालन टालना। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शपथपत्र के जरिए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। अदालत ने समय देने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि उनमें दिए गए कारण फिजूल और नियमित हैं।
बोकारो से लापता युवक के मामले में पुलिस की जांच से कोर्ट असंतुष्ट
हाई कोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत में बोकारो से वर्ष 2023 से लापता युवक का अब तक सुराग नहीं मिलने को लेकर दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस अनुसंधान पर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि अब तक अनुसंधान में लापता युवक के संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी नहीं की गई है।
अदालत ने राज्य सरकार को अंतिम मौका देते हुए पुलिस को अनुसंधान सही दिशा में आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। याचिकाकर्ता संतोष साव की ओर से अदालत को बताया कि उनका पुत्र वर्ष 2023 से बोकारो से लापता है।
इस संबंध में बोकारो के दुग्धा थाना में मामला दर्ज है। इसके बाद अब तक पुलिस युवक का पता लगाने में सफल नहीं हुई है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि लापता युवक का इंस्टाग्राम अकाउंट 13 जुलाई 2025 तक सक्रिय था।
इसके बाद भी पुलिस ने इस महत्वपूर्ण पहलू की समुचित जांच नहीं की। पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि पुलिस युवक के इंस्टाग्राम अकाउंट को सर्च कर रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
अदालत ने पुलिस के अनुसंधान की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले की जांच प्रभावी और सही दिशा में होनी चाहिए। अदालत ने राज्य सरकार को अंतिम अवसर देते हुए अगली सुनवाई तक अनुसंधान में प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
