आरक्षित श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक फिर भी चयन नहीं, हाई कोर्ट ने जेपीएससी को दिया सुधार का आदेश
झारखंड हाई कोर्ट ने जेपीएससी को सिविल जज परीक्षा में आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को लाभ देने का आदेश दिया ...और पढ़ें

झारखंड हाईकोर्ट
HighLights
हाई कोर्ट ने जेपीएससी को आरक्षण लाभ देने का निर्देश दिया।
सिविल जज परीक्षा में आवेदन त्रुटि के कारण लाभ नहीं मिला।
याचिकाकर्ताओं के अंक आरक्षित श्रेणी कट-ऑफ से अधिक थे।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा में आरक्षण श्रेणी का लाभ नहीं दिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने झारखंड लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को आरक्षण श्रेणी का लाभ दिया जाए।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि याचिकाकर्ता ओबीसी-1 और बीसी-2 श्रेणी से संबंधित हैं। आवेदन पत्र भरते समय एक कॉलम में त्रुटि हो जाने के कारण आयोग ने उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं दिया और सामान्य श्रेणी में शामिल कर लिया। इसके कारण उनका चयन नहीं हो सका।
अधिक अंक मिलने का बाद भी आरक्षण का लाभ नहीं
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वे आरक्षित वर्ग से आते हैं और आरक्षण श्रेणी के अंतिम चयन कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके बाद भी उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। इस दौरान याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला दिया, जिसमें ऐसे मामलों में आरक्षण लाभ दिए जाने की बात कही गई है।
इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आरक्षण का लाभ देने का निर्देश दिया। बता दें कि प्राची सुप्रिया राणा और विकास कुमार की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
