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बीआईटी सिंदरी के चार सहायक प्राध्यापकों को 2019 से मिलेगी प्रोन्नति, झारखंड हाई कोर्ट का आदेश

Published: Sat, 26 Sep 2026 07:00 PM (IST)

झारखंड हाई कोर्ट ने BIT सिंदरी के चार सहायक प्राध्यापकों को वर्ष 2019 से सह प्राध्यापक के पद पर प्रोन्नति ...और पढ़ें

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आठ सप्ताह में आदेश पालन करने को कहा।

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आठ सप्ताह में आदेश पालन करने को कहा।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने बीआइटी सिंदरी के प्राध्यापकों की प्रोन्नति का आदेश दिया।

  2. चार सहायक प्राध्यापकों को 2019 से सह प्राध्यापक पद पर प्रोन्नत किया जाएगा।

  3. राज्य सरकार को आठ सप्ताह में बकाया वेतन सहित लाभ देने का निर्देश।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने बीआईटी सिंदरी के चार सहायक प्राध्यापकों को वर्ष 2019 से करियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत सह प्राध्यापक के पद पर प्रोन्नति देने का निर्देश दिया है।

अदालत ने राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर प्रोन्नति अधिसूचित करने तथा पात्रता की तिथि से बकाया वेतन सहित सभी परिणामी लाभ देने का निर्देश दिया। इस संबंध में प्रार्थी रवि शंकर प्रसाद, राजेन कुमार नायक, उज्ज्वल कुमार नायक और अभय ज्ञान पी कुजूर ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

सीएएस के तहत प्रोन्नति की प्रक्रिया 25 जून 2019 को शुरू हुई थी। कालेज स्तर पर स्क्रीनिंग के बाद 16 जनवरी 2020 को पात्र उम्मीदवारों के नाम विभाग को भेजे गए। पांच फरवरी 2021 को स्क्रीनिंग कमेटी गठित हुई।

बाद में कमेटी में डायरेक्टर, टेक्निकल एजुकेशन के शामिल नहीं होने की आपत्ति उठी और 18 फरवरी 2022 को कमेटी के पुनर्गठन का निर्देश दिया गया। इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ी और 20 अगस्त 2022 को इंटरव्यू के बाद चयन समिति ने उम्मीदवारों की अनुशंसा कर दी।

कोर्ट ने कहा कि एआइसीटीई रेगुलेशन 2012 के तहत स्क्रीनिंग सह इवैल्यूएशन कमेटी की अनुशंसा के साथ चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। विभाग को इसके बाद केवल निर्णय लेकर प्रोन्नति अधिसूचित करनी थी, लेकिन मामला करीब दो साल लंबित रहा।

अदालत ने चयन समिति की अनुशंसा में तीन याचिकाकर्ताओं के नाम के सामने रिकमेंड/नाट रिकमेंड कालम खाली रहने को मानवीय त्रुटि माना। हालांकि कवरिंग पेज पर 17 उम्मीदवारों की प्रोन्नति की अनुशंसा की गई थी, जिनमें तीनों याचिकाकर्ता शामिल थे। चौथे के नाम के सामने रिकमेंड स्पष्ट था।

राज्य सरकार ने 2024 के नये झारखंड टेक्निकल एजुकेशन सर्विस रूल्स के आधार पर नई चयन प्रक्रिया की बात कही थी। हाई कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि नियम के क्लाज 18 में पूर्व की कार्रवाई सुरक्षित है।

इसलिए 2019 में शुरू हुई और 2022 में अनुशंसा के साथ पूरी सीएएस प्रक्रिया को रद नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की तकनीकी गलतियों का खामियाजा शिक्षकों को नहीं भुगतना चाहिए। चारों को वर्ष 2019 से ग्रेड पे 8000 से 9000 रुपये तथा प्रोन्नति का लाभ मिलेगा। साथ ही बकाया वेतन और अन्य परिणामी लाभ भी दिए जाएंगे।