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गोड्डा अडानी पावर प्रोजेक्ट विवाद: 16 गांवों के किसानों ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, अधिग्रहण प्रक्रिया पर उठाए सवाल

Published: Thu, 16 Apr 2026 02:17 PM (IST)Updated: Fri, 17 Apr 2026 11:57 AM (IST)

झारखंड हाई कोर्ट ने अडानी पावर लिमिटेड के गोड्डा थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए 1363 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहण को ...और पढ़ें

अडानी पावर गोड्डा प्रोजेक्ट: झारखंड हाई कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण चुनौती याचिका स्वीकार की।

अडानी पावर गोड्डा प्रोजेक्ट: झारखंड हाई कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण चुनौती याचिका स्वीकार की।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने अडानी भूमि अधिग्रहण चुनौती स्वीकार की।

  2. किसानों ने बांग्लादेश बिजली निर्यात पर सवाल उठाए।

  3. अधिग्रहण में 80% सहमति और SIA उल्लंघन का आरोप।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट की एकल पीठ ने अडानी पावर लिमिटेड के गोड्डा स्थित थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए 1363 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है।

याचिका गोड्डा जिले के करीब 16 गांवों के स्थानीय किसानों और आदिवासी समुदाय के सदस्यों की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

याचिका में कहा गया है कि परियोजना में उत्पादित पूरी बिजली बांग्लादेश को निर्यात की जानी है। ऐसे में अधिग्रहण को सार्वजनिक उद्देश्य की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। प्रार्थियों का तर्क है कि जब परियोजना का लाभ देश के आम नागरिकों को नहीं मिलना है तो कृषि भूमि का अधिग्रहण उचित नहीं माना जा सकता।

संताल परगना टेनेंसी एक्ट का उल्लंघन का आरोप

याचिका में आरोप लगाया गया है कि भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति प्राप्त नहीं की गई। सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (एसआईए) प्रक्रिया में भी लगभग 4,000 प्रभावित लोगों जिनमें किरायेदार, खेतिहर मजदूर और अन्य आश्रित शामिल हैं को शामिल नहीं किया गया।

प्रार्थियों का कहना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया में संताल परगना टेनेंसी एक्ट का उल्लंघन हुआ है। साथ ही सिंचित बहु-फसली भूमि का अधिग्रहण बिना इसे अंतिम विकल्प सिद्ध किए किया गया।

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