रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News झारखंड में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) को जुलाई व अगस्त का मानदेय भुगतान हो सकेगा। गुरुवार को वित्त विभाग के अनुमोदन के बाद शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने भी इसपर स्वीकृति दे दी। इससे पहले उन्होंने गुरुवार को ही अधिकारियों के साथ बैठक कर शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन नहीं होने के कारण सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) के मानदेय भुगतान लंबित होने पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने हर हाल में सहायक अध्यापकों को दुर्गा पूजा के पहले जुलाई और अगस्त के बकाया मानदेय भुगतान करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद इस दिशा में कार्रवाई की गई।

मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण पारा शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं हो पाया लेकिन बदनामी सरकार की हो रही है। बैठक के दौरान बताया गया कि अभी तक 18 हजार सहायक अध्यापकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन हो पाया है। मंत्री ने परियोजना परिषद द्वारा सहायक अध्यापकों के कल्याण कोष को लेकर भी बैठक नहीं बुलाने पर सवाल उठाते हुए नाराजगी प्रकट की। उन्होंने शीघ्र इसकी बैठक बुलाने को कहा। उन्होंने नियमावली के अनुसार, सहायक अध्यापक के निधन पर आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी में पेंच पर भी चर्चा की।

नियमावली के अनुसार, अनुकंपा पर नौकरी के लिए शिक्षक प्रशिक्षण के साथ-साथ टेट उत्तीर्ण होना भी अनिवार्य है। इसपर सहायक अध्यापकों की ओर से सवाल किया गया कि जब कोई सहायक अध्यापक ही टेट उत्तीर्ण नहीं है तो उनके आश्रित कैसे हो सकते हैं? साथ ही वर्ष 2016 के बाद यहां टेट आयोजित भी नहीं हो सका है। मंत्री ने इसका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नियमावली के अनुसार, चार प्रतिशत मानदेय वृद्धि का लाभ भी अविलंब देने को कहा। नियमावली के अनुसार, जुलाई माह से ही मानदेय में चार प्रतिशत की वृद्धि होनी थी। बैठक में विभागीय सचिव राजेश शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमार पासी, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सुनील कुमार, सहायक अध्यापक नेता विनोद बिहारी महतो आदि उपस्थित थे।

मंत्री ने दिए ये भी निर्देश

  • नियमावली में टेट सहित जो भी विसंगति रही गई है उसे शीघ्र दूर करें।
  • एनआइओएस ने जिन सहायक अध्यापकों को एनसी लगाते हुए डीएलएड का परिणाम रोक दिया था उसे अब क्लीयर कर दिया है। ये सहायक अध्यापक भी आकलन परीक्षा में शामिल हो सकें, इसे सुनिश्चित करें।

Edited By: Sanjay Kumar